Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 19 जनवरी 2004
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत सोम 19 जनवरी को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। सोम 19 जनवरी क्यों?
प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि सोम 19 जनवरी को है: उस रात चतुर्दशी निशीथ काल को छूती है, और किसी रात नहीं। सोम 19 जनवरी क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़व्रत का पारण
षटतिला एकादशी
19 जनवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 19 जनवरी
- 05:24–06:08ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:52 से
- 06:52–08:30अमृत चौघड़िया
- 10:07–11:45शुभ चौघड़िया
- 13:23–13:49अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 17:17–18:16लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 18:16–19:54अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:54 के बाद
-
22:22–23:49अमृत कालमूल में
- 00:01–01:23 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:45–04:08 मंगलशुभ चौघड़िया
- 04:08–05:30 मंगलअमृत चौघड़िया
- 05:25–06:08 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:52–08:30अमृतशुभ
- 08:30–10:07कालअशुभ
- 10:07–11:45शुभ
- 11:45–13:23रोगअशुभ
- 13:23–15:01उद्वेगअशुभ
- 15:01–16:38चरसामान्य
- 16:38–18:16लाभशुभ
- 18:16–19:54अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:54–21:16चरसामान्य
- 21:16–22:39रोगअशुभ
- 22:39–00:01 मंगलकालअशुभ
- 00:01–01:23 मंगललाभशुभ
- 01:23–02:45 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:45–04:08 मंगलशुभ
- 04:08–05:30 मंगलअमृतशुभ
- 05:30–06:52 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 19 जनवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:24–06:08, शुभ
- अमृत, शुभ, 06:52–08:30
- काल, अशुभ, 08:30–10:07
- शुभ, 10:07–11:45
- रोग, अशुभ, 11:45–13:23
- उद्वेग, अशुभ, 13:23–15:01
- चर, सामान्य, 15:01–16:38
- लाभ, शुभ, 16:38–18:16
- अमृत, शुभ, 18:16–19:54
- चर, सामान्य, 19:54–21:16
- रोग, अशुभ, 21:16–22:39
- काल, अशुभ, 22:39–00:01 मंगल
- लाभ, शुभ, 00:01–01:23 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 01:23–02:45 मंगल
- शुभ, 02:45–04:08 मंगल
- अमृत, शुभ, 04:08–05:30 मंगल
- चर, सामान्य, 05:30–06:52 मंगल
- राहु काल, 08:30–10:07, अशुभ
- यमगण्ड, 11:45–13:23, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 12:57–13:49, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:49–14:41, अशुभ
- गुलिक काल, 15:01–16:38, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:25–17:17, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:25–06:08 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में प्रदोष व्रत सोम 19 जनवरी को क्यों है?
प्रदोष व्रत सोम 19 जनवरी को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी सोम 19 जनवरी को 04:12 से मंगल 20 जनवरी को 01:07 तक है, इसलिए केवल सोमवार का प्रदोष काल (19:54–22:06) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
Ipameri में मासिक शिवरात्रि सोम 19 जनवरी को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि सोम 19 जनवरी को है: उस रात चतुर्दशी निशीथ काल को छूती है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 20 जनवरी को 01:07 से मंगल 20 जनवरी को 22:01 तक है, इसलिए वह केवल सोमवार की रात के निशीथ काल (01:01 मंगल–01:45 मंगल) को छूती है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
सोम 19 जनवरी को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 325.5° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:52। द्वादशी उससे पहले 04:12 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 01:07 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 7 जनवरी की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?
नई दिल्ली में द्वादशी है, Ipameri में त्रयोदशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:14, द्वादशी की समाप्ति 11:42 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है।
Ipameri · UTC−2
यहाँ सूर्योदय, 06:52, द्वादशी की समाप्ति 04:12 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
सोम 19 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:24–06:08
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:24–06:08।
रवि 18 जनवरी की रात सूर्यास्त 19:54 रवि से सूर्योदय 06:52 तक थी, 10 घं 58 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 19 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 12:57–13:49
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 12:57–13:49।
सोम 19 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 13:49–14:41
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:49–14:41 और 16:25–17:17।
सोम 19 जनवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 16:25–17:17
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:49–14:41 और 16:25–17:17।
यहाँ दिन, 06:52 से 19:54, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:49–14:41 और 16:25–17:17।
सोम 19 जनवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:52–08:30 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:52 से 19:54, 1 घं 37 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:54 से 06:52 मंगल, 1 घं 22 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 19 जनवरी को राहुकाल कब है? 08:30–10:07
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:30–10:07।
सोम 19 जनवरी को यमगंड कब है? 11:45–13:23
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:45–13:23।
सोम 19 जनवरी को गुलिक काल कब है? 15:01–16:38
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:01–16:38।
यहाँ दिन 06:52 से 19:54 तक है, 13 घं 2 मि। इसे 1 घं 37 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 19 जनवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 06:52
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:52, सूर्यास्त 19:54, 13 घं 2 मि का दिन।
सोम 19 जनवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:54
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:52, सूर्यास्त 19:54, 13 घं 2 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 2 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 58 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 19 जनवरी को कौन सा नक्षत्र है? मूल
सूर्योदय पर चंद्रमा 240.2° पर था: मूल, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मूल 240°00′–253°20′ तक है; चंद्रमा 240° पर उसके पद 1 में आया। वह 04:08 मंगल को निकलेगा, पूर्वाषाढा में।
सोम 19 जनवरी को कौन सा योग है? ध्रुव
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 514.9° थे, एक चक्कर और 154.9°: ध्रुव।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 274.7° + 240.2° = 514.9°, एक पूरा चक्कर और 154.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 146°40′–160°00′ बारहवाँ है, ध्रुव। यह 14:35 को समाप्त होता है, फिर व्याघात।
सोम 19 जनवरी को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 325.5° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 14:40 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 01:07 मंगल तक।
सोम 19 जनवरी को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 06:52, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:52 से 06:52 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 19 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? पौष
यह मास 23 दिसंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य धनु में था: पौष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: धनु से पौष। सूर्य 14 जनवरी को, मास के भीतर, मकर में जाता है। अगली अमावस्या, 21 जनवरी, उसे मकर में पाती है और माघ शुरू करती है।
सोम 19 जनवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 21 जनवरी की अमावस्या, सूर्य मकर में, माघ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ माघ है, और अमान्त गणना में पौष।
सोम 19 जनवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2060 · शक 1925
विक्रम संवत 2060 1 अप्रैल 2003 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 1 अप्रैल 2003, 16:18 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 286.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2060 गिनता है; शक संवत 1925।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 19 जनवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:15 मंगल
चंद्रमा यहाँ 05:15 मंगल पर उदय होता है।
सोम 19 जनवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:59
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:59 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:15 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:59 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:15 मंगल पर उदय होगा।