Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में षटतिला एकादशी 2004 पारण समय 06:52–19:54, सोम 19 जनवरी
व्रत · समय UTC−2 में
Ipameri में षटतिला एकादशी 2004 कब है?
रविवार 18 जनवरी
माघ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · पौष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में रवि 18 जनवरी का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
सोमवार 19 जनवरी
षटतिला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- रविवार 18 जनवरी
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06:51व्रत आरंभसूर्योदय पर
- सोमवार 19 जनवरी
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06:52–19:54पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में षटतिला एकादशी रवि 18 जनवरी को क्यों है?
षटतिला एकादशी रवि 18 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 09:47 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 09:47 शनि से 07:08 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 18 जनवरी को सूर्योदय पर है, 06:51: रवि 18 जनवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 09:47 शनि पर, उससे (05:15–06:51) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · सोम 19 जनवरी, 06:52–19:54 (त्रयोदशी, सूर्योदय से सूर्यास्त: Tithika की परिपाटी)
द्वादशी सोम 19 जनवरी को 04:12 पर, रात में, अरुणोदय (05:16) से पहले समाप्त होती है: रात में समाप्त द्वादशी को Tithika नहीं गिनता, उसकी परिपाटी। द्वादशी न हो तो निर्णयसिंधु पारण त्रयोदशी में कराता है: सूर्योदय (06:52) से सूर्यास्त (19:54) तक, क्योंकि पारण दिन का कर्म है: Tithika की परिपाटी।
नियम
माघ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · पौष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।