tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 15 सितंबर 1993

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में

अमावस्या

कृष्ण पक्ष · 00:10 गुरु तक

फिर प्रतिपदा · 20:17 गुरु तक

नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें

व्रत

अमावस्या

अमावस्या बुध 15 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है। बुध 15 सितंबर क्यों?

अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:32 06:08 18:07अगला सूर्योदय 06:07 गुरु

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 06:08–07:38लाभशुभ
  • 07:38–09:08अमृतयमगण्ड में
  • 09:08–10:38कालअशुभ
  • 10:38–12:08शुभगुलिक काल में
  • 12:08–13:37रोगअशुभ
  • 13:37–15:07उद्वेगअशुभ
  • 15:07–16:37चरसामान्य
  • 16:37–18:07लाभशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:07–19:37उद्वेगअशुभ
  • 19:37–21:07शुभ
  • 21:07–22:37अमृतशुभ
  • 22:37–00:07 गुरुचरसामान्य
  • 00:07–01:37 गुरुरोगअशुभ
  • 01:37–03:07 गुरुकालअशुभ
  • 03:07–04:37 गुरुलाभशुभ
  • 04:37–06:07 गुरुउद्वेगअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, बुध 15 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:32–05:20, शुभ
  • लाभ, शुभ, 06:08–07:38
  • अमृत, शुभ, 07:38–09:08
  • काल, अशुभ, 09:08–10:38
  • शुभ, 10:38–12:08
  • रोग, अशुभ, 12:08–13:37
  • उद्वेग, अशुभ, 13:37–15:07
  • चर, सामान्य, 15:07–16:37
  • लाभ, शुभ, 16:37–18:07
  • उद्वेग, अशुभ, 18:07–19:37
  • शुभ, 19:37–21:07
  • अमृत, शुभ, 21:07–22:37
  • चर, सामान्य, 22:37–00:07 गुरु
  • रोग, अशुभ, 00:07–01:37 गुरु
  • काल, अशुभ, 01:37–03:07 गुरु
  • लाभ, शुभ, 03:07–04:37 गुरु
  • उद्वेग, अशुभ, 04:37–06:07 गुरु
  • यमगण्ड, 07:38–09:08, अशुभ
  • गुलिक काल, 10:38–12:08, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 11:44–12:32, अशुभ
  • राहु काल, 12:08–13:37, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:31–05:19 गुरु

हर मान कैसे निकलता है

Ipameri में अमावस्या बुध 15 सितंबर को क्यों है?

अमावस्या बुध 15 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या है।

अमावस्या 05:00 06:00 07:00 08:00 बुध 15 सितंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:08
अमावस्या 05:00 06:00 07:00 08:00 बुध 15 सितंबर स्मार्त · वैष्णव सूर्योदय 06:08
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। रेखा: सूर्योदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या बुध 15 सितंबर को 03:58 से गुरु 16 सितंबर को 00:10 तक है, इसलिए वह केवल बुध 15 सितंबर के सूर्योदय (06:08) पर है। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।

अमावस्या: Ipameri में हर तारीख़

बुध 15 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण अमावस्या

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 349.3° आगे था: कृष्ण अमावस्या।

सूर्य अमावस्या 0° 349.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 349.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 348°–360° तीसवीं है, कृष्ण अमावस्या। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:08। चतुर्दशी उससे पहले 03:58 पर समाप्त हुई। अमावस्या 00:10 गुरु को समाप्त होगी, जब बढ़त 360° होगी। बढ़त 31 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।

नई दिल्ली में चतुर्दशी क्यों है?

नई दिल्ली में चतुर्दशी है, Ipameri में अमावस्या।

चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा बुध 15 सितंबर सुबह गुरु 16 सितंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 12:28 03:58 08:40 00:10 06:05 चतुर्दशी 06:06 अमावस्या 06:08 अमावस्या 06:07 प्रतिपदा
चतुर्दशी अमावस्या अमावस्या प्रतिपदा बुध 15 सितंबर सुबह गुरु 16 सितंबर सुबह नई दिल्ली IST Ipameri UTC−3 12:28 03:58 08:40 00:10 06:05 चतुर्दशी 06:06 अमावस्या 06:08 अमावस्या 06:07 प्रतिपदा
समय नीचे की ओर, दोनों स्तंभों में एक ही क्षण · हर स्थान अपनी घड़ी में · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।

नई दिल्ली · IST

यहाँ सूर्योदय, 06:05, चतुर्दशी की समाप्ति 12:28 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है।

Ipameri · UTC−3

यहाँ सूर्योदय, 06:08, चतुर्दशी की समाप्ति 03:58 के बाद हुआ: यह दिन अमावस्या है।

बुध 15 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:32–05:20

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:32–05:20।

सूर्यास्त 18:07 मंगल सूर्योदय 06:08 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 14 सितंबर का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:07 मंगल सूर्योदय 06:08 बुध समय, ऊँचाई नहीं मंगल 14 सितंबर का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · मंगलवार का दिन धुँधला

मंगल 14 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:07 मंगल से सूर्योदय 06:08 तक थी, 12 घं 1 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

बुध 15 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 11:44–12:32

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 11:44–12:32।

सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 8 1
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:08 से 18:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 11:44–12:32: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।

बुध 15 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

06:08–07:38 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।

सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 गुरु समय, ऊँचाई नहीं लाभ
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 06:08 से 18:07, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:07 से 06:07 गुरु, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

बुध 15 सितंबर को राहुकाल कब है? 12:08–13:37

राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:08–13:37।

बुध 15 सितंबर को यमगंड कब है? 07:38–09:08

यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:38–09:08।

बुध 15 सितंबर को गुलिक काल कब है? 10:38–12:08

गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:38–12:08।

सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 2, गुलिक काल 4

यहाँ दिन 06:08 से 18:07 तक है, 11 घं 59 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।

सूर्योदय और सूर्यास्त

बुध 15 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:08

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:08, सूर्यास्त 18:07, 11 घं 59 मि का दिन।

बुध 15 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:07

यहाँ दिन: सूर्योदय 06:08, सूर्यास्त 18:07, 11 घं 59 मि का दिन।

सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:45
सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:45
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 59 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 0 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

बुध 15 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? पूर्वाफाल्गुनी

सूर्योदय पर चंद्रमा 138° पर था: पूर्वाफाल्गुनी, पद 2।

चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाफाल्गुनी चंद्रमा 138.0° अगला: उत्तराफाल्गुनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° पूर्वाफाल्गुनी चंद्रमा 138.0° अगला: उत्तराफाल्गुनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पूर्वाफाल्गुनी 133°20′–146°40′ तक है; चंद्रमा 136°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 19:43 को निकलेगा, उत्तराफाल्गुनी में।

बुध 15 सितंबर को कौन सा योग है? साध्य

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 286.8° थे: साध्य।

सूर्य 148.8° + चंद्रमा 138.0° = 286.8° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 148.8° + चंद्रमा 138.0° = 286.8° साध्य 280°00′–293°20′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 148.8° + 138° = 286.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 280°00′–293°20′ बाईसवाँ है, साध्य। यह 15:48 को समाप्त होता है, फिर शुभ।

बुध 15 सितंबर को कौन सा करण है? चतुष्पाद

सूर्योदय पर बढ़त 349.3° थी: अमावस्या का पहला आधा, चतुष्पाद।

सूर्य अमावस्या 0° 349.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° चतुष्पाद 348°–354° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 349.3° चंद्रमा की बढ़त कृष्ण शुक्ल अमावस्या 348°–360° चतुष्पाद 348°–354° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए अमावस्या का पहला आधा चतुष्पाद है और दूसरा नाग। चतुष्पाद 14:05 तक है, जब बढ़त 354° होगी; नाग 00:10 गुरु तक।

बुध 15 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार

यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:08, पर शुरू हुआ: बुधवार।

बुधवार सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
बुधवार सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 गुरु समय, ऊँचाई नहीं 00:00 गुरु अब भी बुधवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:08 से 06:07 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।

बुध 15 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद (अधिक)

17 अगस्त और 16 सितंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 अगस्त 16:28 मंगल से 16 सितंबर 00:10 गुरु तक सूर्य सिंह में रहा; कन्या में वह अमावस्या के बाद 16 सितंबर 12:28 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक भाद्रपद है, जो भाद्रपद से पहले आता है।

बुध 15 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद (अधिक) भाद्रपद (अधिक) कृष्ण शुक्ल बुध 15 सितंबर अमावस्या 17 अग॰ पूर्णिमा 31 अग॰ अमावस्या 16 सित॰ पूर्णिमा 30 सित॰
अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद (अधिक) भाद्रपद (अधिक) कृष्ण शुक्ल बुध 15 सितंबर अमावस्या 17 अग॰ पूर्णिमा 31 अग॰ अमावस्या 16 सित॰ पूर्णिमा 30 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद (अधिक) है, और अमान्त गणना में भाद्रपद (अधिक)।

बुध 15 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2050 · शक 1915

विक्रम संवत 2050 23 मार्च 1993 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 1993 04:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 15 सितंबर सूर्य 148.8° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 1993 04:14 · सूर्य मीन में सूर्योदय, बुध 15 सितंबर सूर्य 148.8° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 1993, 04:14 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 169.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2050 गिनता है; शक संवत 1915।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

बुध 15 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:45

चंद्रमा यहाँ 17:45 पर अस्त होता है।

सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:45
सूर्योदय 06:08 सूर्यास्त 18:07 सूर्योदय 06:07 गुरु समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 17:45
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।

चंद्रमा 17:45 पर, दिन में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।