Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग मंगल 14 सितंबर 1993
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि मंगल 14 सितंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। मंगल 14 सितंबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़14 सितंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, मंगल 14 सितंबर
- 04:32–05:21ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:09 से
- 10:38–12:08लाभ चौघड़िया
- 11:44–12:08अभिजीत मुहूर्तगुलिक काल छोड़कर
- 12:08–13:38अमृत चौघड़ियागुलिक काल में
- 15:08–16:37शुभ चौघड़ियाराहु काल में
- सूर्यास्त 18:07 के बाद
- 19:37–21:07लाभ चौघड़िया
-
20:32–21:57अमृत कालमघा में
- 22:37–22:55शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 23:43–00:07 बुधशुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 00:07–01:38 बुधअमृत चौघड़िया
- 04:32–05:20 बुधअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:09–07:38रोगअशुभ
- 07:38–09:08उद्वेगअशुभ
- 09:08–10:38चरसामान्य
- 10:38–12:08लाभशुभ
- 12:08–13:38अमृतगुलिक काल में
- 13:38–15:08कालअशुभ
- 15:08–16:37शुभराहु काल में
- 16:37–18:07रोगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:07–19:37कालअशुभ
- 19:37–21:07लाभशुभ
- 21:07–22:37उद्वेगअशुभ
- 22:37–00:07 बुधशुभ
- 00:07–01:38 बुधअमृतशुभ
- 01:38–03:08 बुधचरसामान्य
- 03:08–04:38 बुधरोगअशुभ
- 04:38–06:08 बुधकालअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, मंगल 14 सितंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:32–05:21, शुभ
- रोग, अशुभ, 06:09–07:38
- उद्वेग, अशुभ, 07:38–09:08
- चर, सामान्य, 09:08–10:38
- लाभ, शुभ, 10:38–12:08
- अमृत, शुभ, 12:08–13:38
- काल, अशुभ, 13:38–15:08
- शुभ, 15:08–16:37
- रोग, अशुभ, 16:37–18:07
- काल, अशुभ, 18:07–19:37
- लाभ, शुभ, 19:37–21:07
- उद्वेग, अशुभ, 21:07–22:37
- शुभ, 22:37–00:07 बुध
- अमृत, शुभ, 00:07–01:38 बुध
- चर, सामान्य, 01:38–03:08 बुध
- रोग, अशुभ, 03:08–04:38 बुध
- काल, अशुभ, 04:38–06:08 बुध
- दुर्मुहूर्त, 08:32–09:20, अशुभ
- यमगण्ड, 09:08–10:38, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:44–12:32, शुभ
- गुलिक काल, 12:08–13:38, अशुभ
- राहु काल, 15:08–16:37, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 22:55–23:43, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:32–05:20 बुध
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में मासिक शिवरात्रि मंगल 14 सितंबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि मंगल 14 सितंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी मंगल 14 सितंबर को 07:30 से बुध 15 सितंबर को 03:58 तक है, इसलिए केवल मंगलवार की रात का निशीथ काल (23:43–00:32 बुध) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
मंगल 14 सितंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 335.2° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:09। द्वादशी उससे पहले 10:36 सोम पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 07:30 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 31 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
चतुर्दशी क्षय क्यों है?
चतुर्दशी एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन चतुर्दशी नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। चतुर्दशी 07:30 को शुरू हुई और 03:58 बुध को समाप्त, 06:09 और 06:08 बुध के सूर्योदयों के बीच। मंगलवार को त्रयोदशी है और बुधवार को अमावस्या: चतुर्दशी यहाँ क्षय तिथि है।
मंगल 14 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:32–05:21
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:32–05:21।
सोम 13 सितंबर की रात सूर्यास्त 18:07 सोम से सूर्योदय 06:09 तक थी, 12 घं 2 मि। इसे 48 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
मंगल 14 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:44–12:32
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:44–12:32।
मंगल 14 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 08:32–09:20
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:32–09:20, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:55–23:43।
मंगल 14 सितंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 22:55–23:43
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:32–09:20, और रात के 15 में से सातवाँ, 22:55–23:43।
यहाँ दिन, 06:09 से 18:07, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 47 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:32–09:20 और 22:55–23:43।
मंगल 14 सितंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:09–07:38 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:09 से 18:07, 1 घं 29 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:07 से 06:08 बुध, 1 घं 30 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
मंगल 14 सितंबर को राहुकाल कब है? 15:08–16:37
राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:08–16:37।
मंगल 14 सितंबर को यमगंड कब है? 09:08–10:38
यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:08–10:38।
मंगल 14 सितंबर को गुलिक काल कब है? 12:08–13:38
गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:08–13:38।
यहाँ दिन 06:09 से 18:07 तक है, 11 घं 58 मि। इसे 1 घं 29 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
मंगल 14 सितंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:09
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 18:07, 11 घं 58 मि का दिन।
मंगल 14 सितंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:07
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 18:07, 11 घं 58 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 58 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 11 घं 58 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 12 घं 1 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
मंगल 14 सितंबर को कौन सा नक्षत्र है? मघा
सूर्योदय पर चंद्रमा 123° पर था: मघा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 120° पर उसके पद 1 में आया। वह 22:40 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।
मंगल 14 सितंबर को कौन सा योग है? सिद्ध
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 270.8° थे: सिद्ध।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 147.8° + 123° = 270.8°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 266°40′–280°00′ इक्कीसवाँ है, सिद्ध। यह 19:59 को समाप्त होता है, फिर साध्य।
मंगल 14 सितंबर को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 335.2° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 21:07 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 07:30 तक है।
मंगल 14 सितंबर को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार
यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 06:09, पर शुरू हुआ: मंगलवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:09 से 06:08 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।
मंगल 14 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद (अधिक)
17 अगस्त और 16 सितंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक भाद्रपद।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 अगस्त 16:28 मंगल से 16 सितंबर 00:10 गुरु तक सूर्य सिंह में रहा; कन्या में वह अमावस्या के बाद 16 सितंबर 12:28 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक भाद्रपद है, जो भाद्रपद से पहले आता है।
मंगल 14 सितंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष भाद्रपद (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 सितंबर की अमावस्या, सूर्य सिंह में, भाद्रपद (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ भाद्रपद (अधिक) है, और अमान्त गणना में भाद्रपद (अधिक)।
मंगल 14 सितंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2050 · शक 1915
विक्रम संवत 2050 23 मार्च 1993 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 1993, 04:14 मंगल। तब से सूर्य तारों के बीच 168.9° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2050 गिनता है; शक संवत 1915।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
मंगल 14 सितंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:23 बुध
चंद्रमा यहाँ 05:23 बुध पर उदय होता है।
मंगल 14 सितंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:43
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:43 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:23 बुध पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:43 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:23 बुध पर उदय होगा।