Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग बुध 13 नवंबर 1963
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
1970 से पहले के समय UTC−2:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत बुध 13 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है। बुध 13 नवंबर क्यों?
प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि बुध 13 नवंबर को है: चतुर्दशी दोनों रात निशीथ काल को छूती है, और पहला दिन लिया जाता है। बुध 13 नवंबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़13 नवंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, बुध 13 नवंबर
- 05:01–05:45ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 06:29 से
- 06:29–08:06लाभ चौघड़िया
- 08:06–09:43अमृत चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:20–12:57शुभ चौघड़ियागुलिक काल में
- 17:47–19:24लाभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:24 के बाद
- 20:47–22:10शुभ चौघड़िया
- 22:10–23:33अमृत चौघड़िया
-
22:50–00:37 गुरुअमृत कालचित्रा में
- 03:43–05:06 गुरुलाभ चौघड़िया
- 05:00–05:45 गुरुअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 06:29–08:06लाभशुभ
- 08:06–09:43अमृतयमगण्ड में
- 09:43–11:20कालअशुभ
- 11:20–12:57शुभगुलिक काल में
- 12:57–14:34रोगअशुभ
- 14:34–16:10उद्वेगअशुभ
- 16:10–17:47चरसामान्य
- 17:47–19:24लाभशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:24–20:47उद्वेगअशुभ
- 20:47–22:10शुभ
- 22:10–23:33अमृतशुभ
- 23:33–00:57 गुरुचरसामान्य
- 00:57–02:20 गुरुरोगअशुभ
- 02:20–03:43 गुरुकालअशुभ
- 03:43–05:06 गुरुलाभशुभ
- 05:06–06:29 गुरुउद्वेगअशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, बुध 13 नवंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 05:01–05:45, शुभ
- लाभ, शुभ, 06:29–08:06
- अमृत, शुभ, 08:06–09:43
- काल, अशुभ, 09:43–11:20
- शुभ, 11:20–12:57
- रोग, अशुभ, 12:57–14:34
- उद्वेग, अशुभ, 14:34–16:10
- चर, सामान्य, 16:10–17:47
- लाभ, शुभ, 17:47–19:24
- उद्वेग, अशुभ, 19:24–20:47
- शुभ, 20:47–22:10
- अमृत, शुभ, 22:10–23:33
- चर, सामान्य, 23:33–00:57 गुरु
- रोग, अशुभ, 00:57–02:20 गुरु
- काल, अशुभ, 02:20–03:43 गुरु
- लाभ, शुभ, 03:43–05:06 गुरु
- उद्वेग, अशुभ, 05:06–06:29 गुरु
- यमगण्ड, 08:06–09:43, अशुभ
- गुलिक काल, 11:20–12:57, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:31–13:22, अशुभ
- राहु काल, 12:57–14:34, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:00–05:45 गुरु
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में प्रदोष व्रत बुध 13 नवंबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत बुध 13 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी मंगल 12 नवंबर को 21:35 से बुध 13 नवंबर को 23:49 तक है, और दोनों शाम प्रदोष काल को छूती है। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसका प्रदोष काल उसमें अधिक है: बुध 13 नवंबर। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
Ipameri में मासिक शिवरात्रि बुध 13 नवंबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि बुध 13 नवंबर को है: चतुर्दशी दोनों रात निशीथ काल को छूती है, और पहला दिन लिया जाता है।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी बुध 13 नवंबर को 23:49 से शुक्र 15 नवंबर को 02:16 तक है, और दोनों रात निशीथ काल का बराबर भाग घेरती है। तब निर्णयसिंधु पहला दिन लेता है: बुध 13 नवंबर। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
बुध 13 नवंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 328.1° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 06:29। द्वादशी उससे पहले 21:35 मंगल पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 23:49 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 1 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
बुध 13 नवंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:01–05:45
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:01–05:45।
मंगल 12 नवंबर की रात सूर्यास्त 19:24 मंगल से सूर्योदय 06:29 तक थी, 11 घं 5 मि। इसे 44 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
बुध 13 नवंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 12:31–13:22
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है: 12:31–13:22।
यहाँ दिन, 06:29 से 19:24, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 51 मि का। बुधवार को दुर्मुहूर्त आठवाँ है, 12:31–13:22: वह आठवाँ, बीच वाला, मुहूर्त लेता है, इसलिए बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं होता।
बुध 13 नवंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
06:29–08:06 लाभ है, जिसके स्वामी बुध हैं, बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 06:29 से 19:24, 1 घं 36 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:24 से 06:29 गुरु, 1 घं 23 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
बुध 13 नवंबर को राहुकाल कब है? 12:57–14:34
राहु काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:57–14:34।
बुध 13 नवंबर को यमगंड कब है? 08:06–09:43
यमगण्ड बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:06–09:43।
बुध 13 नवंबर को गुलिक काल कब है? 11:20–12:57
गुलिक काल बुधवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:20–12:57।
यहाँ दिन 06:29 से 19:24 तक है, 12 घं 55 मि। इसे 1 घं 36 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: बुधवार को राहु काल पाँचवाँ भाग है, यमगण्ड दूसरा और गुलिक काल चौथा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
बुध 13 नवंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 06:29
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 19:24, 12 घं 55 मि का दिन।
बुध 13 नवंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:24
यहाँ दिन: सूर्योदय 06:29, सूर्यास्त 19:24, 12 घं 55 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 55 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 5 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
बुध 13 नवंबर को कौन सा नक्षत्र है? चित्रा
सूर्योदय पर चंद्रमा 175° पर था: चित्रा, पद 1।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। चित्रा 173°20′–186°40′ तक है; चंद्रमा 173°20′ पर उसके पद 1 में आया। वह 05:58 गुरु को निकलेगा, स्वाती में।
बुध 13 नवंबर को कौन सा योग है? प्रीति
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 381.9° थे, एक चक्कर और 21.9°: प्रीति।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 206.9° + 175° = 381.9°, एक पूरा चक्कर और 21.9°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 13°20′–26°40′ दूसरा है, प्रीति। यह 15:22 को समाप्त होता है, फिर आयुष्मान्।
बुध 13 नवंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 328.1° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 10:40 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 23:49 तक।
बुध 13 नवंबर को कौन सा वार है, और कब से? बुधवार
यह दिन बुधवार को सूर्योदय, 06:29, पर शुरू हुआ: बुधवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 06:29 से 06:29 गुरु तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी बुधवार के हैं।
बुध 13 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? कार्तिक (अधिक)
17 अक्टूबर और 16 नवंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक कार्तिक।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 अक्टूबर 09:42 गुरु से 16 नवंबर 04:50 शनि तक सूर्य तुला में रहा; वृश्चिक में वह अमावस्या के बाद 16 नवंबर 08:39 शनि को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक कार्तिक है, जो कार्तिक से पहले आता है।
बुध 13 नवंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? कार्तिक (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष कार्तिक (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 नवंबर की अमावस्या, सूर्य तुला में, कार्तिक (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ कार्तिक (अधिक) है, और अमान्त गणना में कार्तिक (अधिक)।
बुध 13 नवंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 2020 · शक 1885
विक्रम संवत 2020 25 मार्च 1963 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 25 मार्च 1963, 09:09 सोम। तब से सूर्य तारों के बीच 226.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2020 गिनता है; शक संवत 1885।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
बुध 13 नवंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:31 गुरु
चंद्रमा यहाँ 05:31 गुरु पर उदय होता है।
बुध 13 नवंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:24
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:24 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:31 गुरु पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:24 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:31 गुरु पर उदय होगा।