Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग सोम 12 फ़रवरी 1951
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−2 में
1970 से पहले के समय UTC−2:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
12 फ़रवरी का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 12 फ़रवरी
- 05:35–06:20ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 07:05 से
- 07:05–08:40अमृत चौघड़िया
- 10:16–11:51शुभ चौघड़िया
- 13:27–13:52अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 17:15–18:13लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 18:13–19:48अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 19:48 के बाद
- 00:02–01:27 मंगललाभ चौघड़िया
- 02:51–04:16 मंगलशुभ चौघड़िया
- 04:16–05:41 मंगलअमृत चौघड़िया
-
04:33–06:19 मंगलअमृत कालभरणी में
- 05:35–06:20 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 07:05–08:40अमृतशुभ
- 08:40–10:16कालअशुभ
- 10:16–11:51शुभ
- 11:51–13:27रोगअशुभ
- 13:27–15:02उद्वेगअशुभ
- 15:02–16:37चरसामान्य
- 16:37–18:13लाभशुभ
- 18:13–19:48अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 19:48–21:13चरसामान्य
- 21:13–22:37रोगअशुभ
- 22:37–00:02 मंगलकालअशुभ
- 00:02–01:27 मंगललाभशुभ
- 01:27–02:51 मंगलउद्वेगअशुभ
- 02:51–04:16 मंगलशुभ
- 04:16–05:41 मंगलअमृतशुभ
- 05:41–07:05 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 12 फ़रवरी: ब्रह्म मुहूर्त, 05:35–06:20, शुभ
- अमृत, शुभ, 07:05–08:40
- काल, अशुभ, 08:40–10:16
- शुभ, 10:16–11:51
- रोग, अशुभ, 11:51–13:27
- उद्वेग, अशुभ, 13:27–15:02
- चर, सामान्य, 15:02–16:37
- लाभ, शुभ, 16:37–18:13
- अमृत, शुभ, 18:13–19:48
- चर, सामान्य, 19:48–21:13
- रोग, अशुभ, 21:13–22:37
- काल, अशुभ, 22:37–00:02 मंगल
- लाभ, शुभ, 00:02–01:27 मंगल
- उद्वेग, अशुभ, 01:27–02:51 मंगल
- शुभ, 02:51–04:16 मंगल
- अमृत, शुभ, 04:16–05:41 मंगल
- चर, सामान्य, 05:41–07:05 मंगल
- राहु काल, 08:40–10:16, अशुभ
- यमगण्ड, 11:51–13:27, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 13:01–13:52, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 13:52–14:43, अशुभ
- गुलिक काल, 15:02–16:37, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:25–17:15, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 05:35–06:20 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
सोम 12 फ़रवरी को कौन सी तिथि है? शुक्ल सप्तमी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 73.5° आगे था: शुक्ल सप्तमी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 72°–84° सातवीं है, शुक्ल सप्तमी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 07:05। षष्ठी उससे पहले 03:46 पर समाप्त हुई। सप्तमी 05:46 मंगल को समाप्त होगी, जब बढ़त 84° होगी। बढ़त 6 फ़रवरी की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
नई दिल्ली में षष्ठी क्यों है?
नई दिल्ली में षष्ठी है, Ipameri में सप्तमी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:02, षष्ठी की समाप्ति 11:16 से पहले हुआ: यह दिन षष्ठी है।
Ipameri · UTC−2
यहाँ सूर्योदय, 07:05, षष्ठी की समाप्ति 03:46 के बाद हुआ: यह दिन सप्तमी है।
सोम 12 फ़रवरी को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 05:35–06:20
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 05:35–06:20।
रवि 11 फ़रवरी की रात सूर्यास्त 19:49 रवि से सूर्योदय 07:05 तक थी, 11 घं 16 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 12 फ़रवरी को अभिजीत मुहूर्त कब है? 13:01–13:52
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 13:01–13:52।
सोम 12 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 13:52–14:43
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:52–14:43 और 16:25–17:15।
सोम 12 फ़रवरी को दुर्मुहूर्त कब है? 16:25–17:15
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 13:52–14:43 और 16:25–17:15।
यहाँ दिन, 07:05 से 19:48, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 13:52–14:43 और 16:25–17:15।
सोम 12 फ़रवरी का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
07:05–08:40 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 07:05 से 19:48, 1 घं 35 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 19:48 से 07:05 मंगल, 1 घं 24 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 12 फ़रवरी को राहुकाल कब है? 08:40–10:16
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 08:40–10:16।
सोम 12 फ़रवरी को यमगंड कब है? 11:51–13:27
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 11:51–13:27।
सोम 12 फ़रवरी को गुलिक काल कब है? 15:02–16:37
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 15:02–16:37।
यहाँ दिन 07:05 से 19:48 तक है, 12 घं 43 मि। इसे 1 घं 35 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 12 फ़रवरी को सूर्योदय कितने बजे है? 07:05
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 19:48, 12 घं 43 मि का दिन।
सोम 12 फ़रवरी को सूर्यास्त कितने बजे है? 19:48
यहाँ दिन: सूर्योदय 07:05, सूर्यास्त 19:48, 12 घं 43 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 43 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 17 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 12 फ़रवरी को कौन सा नक्षत्र है? अश्विनी
सूर्योदय पर चंद्रमा 13.2° पर था: अश्विनी, पद 4।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। अश्विनी 0°00′–13°20′ तक है; चंद्रमा 10° पर उसके पद 4 में आया। वह 07:19 को निकलेगा, भरणी में।
सोम 12 फ़रवरी को कौन सा योग है? शुक्ल
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 312.9° थे: शुक्ल।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 299.7° + 13.2° = 312.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 306°40′–320°00′ चौबीसवाँ है, शुक्ल। यह 20:06 को समाप्त होता है, फिर ब्रह्म।
सोम 12 फ़रवरी को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 73.5° थी: सप्तमी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए सप्तमी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 16:42 तक है, जब बढ़त 78° होगी; वणिज 05:46 मंगल तक।
सोम 12 फ़रवरी को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 07:05, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 07:05 से 07:05 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 12 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? माघ
यह मास 6 फ़रवरी की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मकर में था: माघ।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मकर से माघ। सूर्य 12 फ़रवरी को, मास के भीतर, कुंभ में जाता है। अगली अमावस्या, 7 मार्च, उसे कुंभ में पाती है और फाल्गुन शुरू करती है।
सोम 12 फ़रवरी को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? माघ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष माघ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 6 फ़रवरी की अमावस्या ने, सूर्य मकर में, माघ शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में माघ है।
सोम 12 फ़रवरी को कौन सा संवत है? विक्रम 2007 · शक 1872
विक्रम संवत 2007 18 मार्च 1950 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 18 मार्च 1950, 13:20 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 325.4° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2007 गिनता है; शक संवत 1872।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 12 फ़रवरी को चंद्रोदय कितने बजे है? 12:31
चंद्रमा यहाँ 12:31 पर उदय होता है।
सोम 12 फ़रवरी को चंद्रास्त कितने बजे है? 00:00 मंगल
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:31 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 00:00 मंगल पर अस्त होगा।
चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 12:31 पर उदय हुआ; वह फिर 00:00 मंगल पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।