Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल का पंचांग गुरु 13 दिसंबर 1906
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय UTC−3 में
1970 से पहले के समय UTC−3:00 पर हैं, जो इस तारीख़ के लिए टाइम ज़ोन डेटाबेस का ऑफ़सेट है; इतने पुराने उसके रिकॉर्ड अनिश्चित हैं। आकाश से निकाला गया पंचांग इससे नहीं बदलता।
व्रत
प्रदोष व्रत
प्रदोष व्रत गुरु 13 दिसंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं। गुरु 13 दिसंबर क्यों?
प्रदोष व्रत: Ipameri में हर तारीख़व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि गुरु 13 दिसंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। गुरु 13 दिसंबर क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Ipameri में हर तारीख़व्रत का पारण
सफला एकादशी
13 दिसंबर का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, गुरु 13 दिसंबर
- 04:04–04:48ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:31 से
- 05:31–07:10शुभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 11:40–12:33अभिजीत मुहूर्त
- 12:06–13:45लाभ चौघड़िया
- 13:45–15:24अमृत चौघड़ियाराहु काल में
- 17:03–18:42शुभ चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:42 के बाद
- 18:42–20:03अमृत चौघड़िया
- 00:07–01:28 शुक्रलाभ चौघड़िया
- 02:49–04:10 शुक्रशुभ चौघड़िया
- 04:10–05:31 शुक्रअमृत चौघड़िया
- 04:05–04:48 शुक्रअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:31–07:10शुभयमगण्ड में
- 07:10–08:49रोगअशुभ
- 08:49–10:28उद्वेगअशुभ
- 10:28–12:06चरसामान्य
- 12:06–13:45लाभशुभ
- 13:45–15:24अमृतराहु काल में
- 15:24–17:03कालअशुभ
- 17:03–18:42शुभ
रात का चौघड़िया
- 18:42–20:03अमृतशुभ
- 20:03–21:24चरसामान्य
- 21:24–22:45रोगअशुभ
- 22:45–00:07 शुक्रकालअशुभ
- 00:07–01:28 शुक्रलाभशुभ
- 01:28–02:49 शुक्रउद्वेगअशुभ
- 02:49–04:10 शुक्रशुभ
- 04:10–05:31 शुक्रअमृतशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, गुरु 13 दिसंबर: ब्रह्म मुहूर्त, 04:04–04:48, शुभ
- शुभ, 05:31–07:10
- रोग, अशुभ, 07:10–08:49
- उद्वेग, अशुभ, 08:49–10:28
- चर, सामान्य, 10:28–12:06
- लाभ, शुभ, 12:06–13:45
- अमृत, शुभ, 13:45–15:24
- काल, अशुभ, 15:24–17:03
- शुभ, 17:03–18:42
- अमृत, शुभ, 18:42–20:03
- चर, सामान्य, 20:03–21:24
- रोग, अशुभ, 21:24–22:45
- काल, अशुभ, 22:45–00:07 शुक्र
- लाभ, शुभ, 00:07–01:28 शुक्र
- उद्वेग, अशुभ, 01:28–02:49 शुक्र
- शुभ, 02:49–04:10 शुक्र
- अमृत, शुभ, 04:10–05:31 शुक्र
- यमगण्ड, 05:31–07:10, अशुभ
- गुलिक काल, 08:49–10:28, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 09:55–10:47, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:40–12:33, शुभ
- राहु काल, 13:45–15:24, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 15:11–16:04, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:48 शुक्र
हर मान कैसे निकलता है
Ipameri में प्रदोष व्रत गुरु 13 दिसंबर को क्यों है?
प्रदोष व्रत गुरु 13 दिसंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में त्रयोदशी है, और किसी शाम नहीं।
प्रदोष की शिव पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। त्रयोदशी गुरु 13 दिसंबर को 02:48 से गुरु 13 दिसंबर को 23:22 तक है, इसलिए केवल गुरुवार का प्रदोष काल (18:35–20:45) उसके भीतर है। प्रदोष व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; प्रदोष काल Tithika की परिपाटी है।
Ipameri में मासिक शिवरात्रि गुरु 13 दिसंबर को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि गुरु 13 दिसंबर को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी गुरु 13 दिसंबर को 23:22 से शुक्र 14 दिसंबर को 19:38 तक है, इसलिए केवल गुरुवार की रात का निशीथ काल (23:38–00:22 शुक्र) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
गुरु 13 दिसंबर को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 325.5° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:31। द्वादशी उससे पहले 02:55 पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 23:28 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 30 नवंबर की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
नई दिल्ली में द्वादशी क्यों है?
नई दिल्ली में द्वादशी है, Ipameri में त्रयोदशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 07:04, द्वादशी की समाप्ति 11:25 से पहले हुआ: यह दिन द्वादशी है।
Ipameri · UTC−3
यहाँ सूर्योदय, 05:31, द्वादशी की समाप्ति 02:55 के बाद हुआ: यह दिन त्रयोदशी है।
गुरु 13 दिसंबर को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:04–04:48
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:04–04:48।
बुध 12 दिसंबर की रात सूर्यास्त 18:41 बुध से सूर्योदय 05:31 तक थी, 10 घं 50 मि। इसे 43 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
गुरु 13 दिसंबर को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:40–12:33
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:40–12:33।
गुरु 13 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 09:55–10:47
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:55–10:47 और 15:11–16:04।
गुरु 13 दिसंबर को दुर्मुहूर्त कब है? 15:11–16:04
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से छठा और बारहवाँ है: 09:55–10:47 और 15:11–16:04।
यहाँ दिन, 05:31 से 18:42, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 52 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। गुरुवार को दुर्मुहूर्त छठा और बारहवाँ है, 09:55–10:47 और 15:11–16:04।
गुरु 13 दिसंबर का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:31–07:10 शुभ है, जिसके स्वामी गुरु (बृहस्पति) हैं, गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:31 से 18:42, 1 घं 38 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:42 से 05:31 शुक्र, 1 घं 21 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
गुरु 13 दिसंबर को राहुकाल कब है? 13:45–15:24
राहु काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:45–15:24।
गुरु 13 दिसंबर को यमगंड कब है? 05:31–07:10
यमगण्ड गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:31–07:10।
गुरु 13 दिसंबर को गुलिक काल कब है? 08:49–10:28
गुलिक काल गुरुवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:49–10:28।
यहाँ दिन 05:31 से 18:42 तक है, 13 घं 10 मि। इसे 1 घं 38 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: गुरुवार को राहु काल छठा भाग है, यमगण्ड पहला और गुलिक काल तीसरा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
गुरु 13 दिसंबर को सूर्योदय कितने बजे है? 05:31
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:31, सूर्यास्त 18:42, 13 घं 10 मि का दिन।
गुरु 13 दिसंबर को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:42
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:31, सूर्यास्त 18:42, 13 घं 10 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 13 घं 10 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 10 घं 50 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
गुरु 13 दिसंबर को कौन सा नक्षत्र है? विशाखा
सूर्योदय पर चंद्रमा 203.4° पर था: विशाखा, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। विशाखा 200°00′–213°20′ तक है; चंद्रमा 203°20′ पर उसके पद 2 में आया। वह 21:23 को निकलेगा, अनुराधा में।
गुरु 13 दिसंबर को कौन सा योग है? सुकर्मा
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 441.3° थे, एक चक्कर और 81.3°: सुकर्मा।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 237.9° + 203.4° = 441.3°, एक पूरा चक्कर और 81.3°। चक्कर के बाद, 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 80°00′–93°20′ सातवाँ है, सुकर्मा। यह 23:32 को समाप्त होता है, फिर धृति।
गुरु 13 दिसंबर को कौन सा करण है? गर
सूर्योदय पर बढ़त 325.5° थी: त्रयोदशी का पहला आधा, गर।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 13:14 तक है, जब बढ़त 330° होगी; वणिज 23:28 तक।
गुरु 13 दिसंबर को कौन सा वार है, और कब से? गुरुवार
यह दिन गुरुवार को सूर्योदय, 05:31, पर शुरू हुआ: गुरुवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:31 से 05:31 शुक्र तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी गुरुवार के हैं।
गुरु 13 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? मार्गशीर्ष
यह मास 16 नवंबर की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य वृश्चिक में था: मार्गशीर्ष।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: वृश्चिक से मार्गशीर्ष। सूर्य 15 दिसंबर को, मास के भीतर, धनु में जाता है। अगली अमावस्या, 15 दिसंबर, उसे धनु में पाती है और पौष शुरू करती है।
गुरु 13 दिसंबर को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? पौष
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष पौष का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 15 दिसंबर की अमावस्या, सूर्य धनु में, पौष शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ पौष है, और अमान्त गणना में मार्गशीर्ष।
गुरु 13 दिसंबर को कौन सा संवत है? विक्रम 1963 · शक 1828
विक्रम संवत 1963 24 मार्च 1906 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 24 मार्च 1906, 20:51 शनि। तब से सूर्य तारों के बीच 257° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 1963 गिनता है; शक संवत 1828।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
गुरु 13 दिसंबर को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:21 शुक्र
चंद्रमा यहाँ 04:21 शुक्र पर उदय होता है।
गुरु 13 दिसंबर को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:30
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:30 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:21 शुक्र पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:30 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:21 शुक्र पर उदय होगा।