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दिफ्फा, नाइजर का पंचांग मंगल 19 अगस्त 2031

सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय WAT में

प्रतिपदा

शुक्ल पक्ष · 07:06 तक

फिर द्वितीया · 08:20 बुध तक

प्रतिपदा यहाँ दो सूर्योदयों तक है कारण जानें

सूर्योदय और सूर्यास्त

04:25 05:57 18:28अगला सूर्योदय 05:57 बुध

पंचांग

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया

  • 05:57–07:31रोगअशुभ
  • 07:31–09:05उद्वेगअशुभ
  • 09:05–10:39चरसामान्य
  • 10:39–12:13लाभशुभ
  • 12:13–13:47अमृतगुलिक काल में
  • 13:47–15:21कालअशुभ
  • 15:21–16:55शुभराहु काल में
  • 16:55–18:28रोगअशुभ

रात का चौघड़िया

  • 18:28–19:55कालअशुभ
  • 19:55–21:21लाभशुभ
  • 21:21–22:47उद्वेगअशुभ
  • 22:47–00:13 बुधशुभ
  • 00:13–01:39 बुधअमृतशुभ
  • 01:39–03:05 बुधचरसामान्य
  • 03:05–04:31 बुधरोगअशुभ
  • 04:31–05:57 बुधकालअशुभ

दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक

समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।

  • सूर्योदय से पहले, मंगल 19 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:11, शुभ
  • रोग, अशुभ, 05:57–07:31
  • उद्वेग, अशुभ, 07:31–09:05
  • चर, सामान्य, 09:05–10:39
  • लाभ, शुभ, 10:39–12:13
  • अमृत, शुभ, 12:13–13:47
  • काल, अशुभ, 13:47–15:21
  • शुभ, 15:21–16:55
  • रोग, अशुभ, 16:55–18:28
  • काल, अशुभ, 18:28–19:55
  • लाभ, शुभ, 19:55–21:21
  • उद्वेग, अशुभ, 21:21–22:47
  • शुभ, 22:47–00:13 बुध
  • अमृत, शुभ, 00:13–01:39 बुध
  • चर, सामान्य, 01:39–03:05 बुध
  • रोग, अशुभ, 03:05–04:31 बुध
  • काल, अशुभ, 04:31–05:57 बुध
  • दुर्मुहूर्त, 08:27–09:17, अशुभ
  • यमगण्ड, 09:05–10:39, अशुभ
  • अभिजीत मुहूर्त, 11:48–12:38, शुभ
  • गुलिक काल, 12:13–13:47, अशुभ
  • राहु काल, 15:21–16:55, अशुभ
  • दुर्मुहूर्त, 23:04–23:50, अशुभ
  • अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:25–05:11 बुध

हर मान कैसे निकलता है

मंगल 19 अगस्त को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा

सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 11.5° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।

सूर्य अमावस्या 0° 11.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 11.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · पैमाने पर नहीं

चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:57। अमावस्या उससे पहले 05:32 सोम पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 07:06 को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 18 अगस्त की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।

प्रतिपदा दो सूर्योदयों पर क्यों है?

प्रतिपदा यहाँ सोम 18 और मंगल 19 अगस्त दोनों के सूर्योदय पर है।

अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया सोम 18 अगस्त सुबह मंगल 19 अगस्त सुबह दिफ्फा UTC+1 05:32 07:06 05:57 प्रतिपदा 05:57 प्रतिपदा प्रतिपदा इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
अमावस्या प्रतिपदा प्रतिपदा द्वितीया सोम 18 अगस्त सुबह मंगल 19 अगस्त सुबह दिफ्फा UTC+1 05:32 07:06 05:57 प्रतिपदा 05:57 प्रतिपदा प्रतिपदा इस सूर्योदय पर है और इस पर भी
समय नीचे की ओर · धारीदार रेखा: तिथि बदली

दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। प्रतिपदा 05:32 सोम को, सूर्योदय 05:57 सोम से पहले, शुरू हुई और 07:06 को, अगले सूर्योदय 05:57 के बाद, समाप्त होगी। दोनों दिन प्रतिपदा है: यह यहाँ वृद्धि तिथि है।

मंगल 19 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:25–05:11

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:25–05:11।

सूर्यास्त 18:29 सोम सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 18 अगस्त का दिन 14 1
सूर्यास्त 18:29 सोम सूर्योदय 05:57 मंगल समय, ऊँचाई नहीं सोम 18 अगस्त का दिन 1
रेखा के नीचे रात, 15 मुहूर्तों में, सूर्यास्त से दक्षिणावर्त · सोमवार का दिन धुँधला

सोम 18 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:29 सोम से सूर्योदय 05:57 तक थी, 11 घं 28 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।

दिन के 15 मुहूर्त

मंगल 19 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:48–12:38

अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:48–12:38।

मंगल 19 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 08:27–09:17

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:27–09:17, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:04–23:50।

मंगल 19 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 23:04–23:50

दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौथा है, 08:27–09:17, और रात के 15 में से सातवाँ, 23:04–23:50।

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं 8 4 7 1 1
रेखा के ऊपर दिन, 15 मुहूर्तों में · धारीदार: दुर्मुहूर्त 4, 7

यहाँ दिन, 05:57 से 18:28, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। मंगलवार को दुर्मुहूर्त चौथा और रात का सातवाँ है, 08:27–09:17 और 23:04–23:50।

मंगल 19 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?

05:57–07:31 रोग है, जिसके स्वामी मंगल हैं, मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं रोग
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त

यहाँ दिन, 05:57 से 18:28, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

यहाँ रात, 18:28 से 05:57 बुध, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।

दिन के 8 भाग

मंगल 19 अगस्त को राहुकाल कब है? 15:21–16:55

राहु काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 15:21–16:55।

मंगल 19 अगस्त को यमगंड कब है? 09:05–10:39

यमगण्ड मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 09:05–10:39।

मंगल 19 अगस्त को गुलिक काल कब है? 12:13–13:47

गुलिक काल मंगलवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 12:13–13:47।

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं 1 2 3 4 5 6 7 8
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · धारीदार: यमगण्ड 3, गुलिक काल 5

यहाँ दिन 05:57 से 18:28 तक है, 12 घं 31 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: मंगलवार को राहु काल सातवाँ भाग है, यमगण्ड तीसरा और गुलिक काल पाँचवाँ।

सूर्योदय और सूर्यास्त

मंगल 19 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:57

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 18:28, 12 घं 31 मि का दिन।

मंगल 19 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:28

यहाँ दिन: सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 18:28, 12 घं 31 मि का दिन।

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:14 चंद्रोदय 06:47
सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:14 चंद्रोदय 06:47
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 31 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 29 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।

मंगल 19 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? मघा

सूर्योदय पर चंद्रमा 133.2° पर था: मघा, पद 4।

चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 133.2° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
चंद्रमा सूर्य 0° मघा चंद्रमा 133.2° अगला: पूर्वाफाल्गुनी पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। मघा 120°00′–133°20′ तक है; चंद्रमा 130° पर उसके पद 4 में आया। वह 06:12 को निकलेगा, पूर्वाफाल्गुनी में।

मंगल 19 अगस्त को कौन सा योग है? शिव

सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 254.9° थे: शिव।

सूर्य 121.7° + चंद्रमा 133.2° = 254.9° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
सूर्य 121.7° + चंद्रमा 133.2° = 254.9° शिव 253°20′–266°40′ चंद्रमा सूर्य 0°
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · 0° ऊपर, वामावर्त

तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 121.7° + 133.2° = 254.9°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 253°20′–266°40′ बीसवाँ है, शिव। यह 03:03 बुध को समाप्त होता है, फिर सिद्ध।

मंगल 19 अगस्त को कौन सा करण है? बव

सूर्योदय पर बढ़त 11.5° थी: प्रतिपदा का दूसरा आधा, बव।

सूर्य अमावस्या 0° 11.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
सूर्य अमावस्या 0° 11.5° चंद्रमा की बढ़त शुक्ल कृष्ण प्रतिपदा 0°–12° बव 6°–12° पूर्णिमा 180°
केंद्र में पृथ्वी · सूर्य ऊपर स्थिर · चंद्रमा वामावर्त चलता है · हर 12° की तिथि दो करणों में · पैमाने पर नहीं

करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 18:22 सोम पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 6° हुई; बव 07:06 तक है।

मंगल 19 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? मंगलवार

यह दिन मंगलवार को सूर्योदय, 05:57, पर शुरू हुआ: मंगलवार।

मंगलवार सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
मंगलवार सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं 00:00 बुध अब भी मंगलवार
पहिये का एक चक्कर एक वार है, सूर्योदय से सूर्योदय · दक्षिणावर्त

हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:57 से 05:57 बुध तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी मंगलवार के हैं।

मंगल 19 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? भाद्रपद (अधिक)

18 अगस्त और 16 सितंबर की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक भाद्रपद।

1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
1 2 3 4 सिंह कन्या 7 8 9 10 11 12 0° पृथ्वी
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · अमावस्या से अमावस्या तक सूर्य का पथ · धारीदार: अगली संक्रांति, मास के बाद

सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 18 अगस्त 05:32 सोम से 16 सितंबर 19:46 मंगल तक सूर्य सिंह में रहा; कन्या में वह अमावस्या के बाद 17 सितंबर 10:19 बुध को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक भाद्रपद है, जो भाद्रपद से पहले आता है।

मंगल 19 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? भाद्रपद (अधिक)

पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष भाद्रपद (अधिक) का है।

अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद (अधिक) भाद्रपद (अधिक) कृष्ण शुक्ल मंगल 19 अगस्त पूर्णिमा 3 अग॰ अमावस्या 18 अग॰ पूर्णिमा 1 सित॰ अमावस्या 16 सित॰
अमान्त पूर्णिमान्त भाद्रपद (अधिक) भाद्रपद (अधिक) कृष्ण शुक्ल मंगल 19 अगस्त पूर्णिमा 3 अग॰ अमावस्या 18 अग॰ पूर्णिमा 1 सित॰ अमावस्या 16 सित॰
समय बाएँ से दाएँ · अमान्त: अमावस्या से अमावस्या · पूर्णिमान्त: पूर्णिमा से पूर्णिमा

पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 18 अगस्त की अमावस्या ने, सूर्य सिंह में, भाद्रपद (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में भाद्रपद (अधिक) है।

मंगल 19 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2088 · शक 1953

विक्रम संवत 2088 23 मार्च 2031 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 2031 04:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 19 अगस्त सूर्य 121.7° पर
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 मीन 0° पृथ्वी चैत्र अमावस्या 23 मार्च 2031 04:49 · सूर्य मीन में सूर्योदय, मंगल 19 अगस्त सूर्य 121.7° पर
तारे स्थिर · निरयन, लाहिड़ी · वलय: सूर्य का वार्षिक पथ, 30° की 12 राशियाँ, 0° से गिनी · वर्ष के आरंभ से सूर्य का पथ

संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 23 मार्च 2031, 04:49 रवि। तब से सूर्य तारों के बीच 143.7° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2088 गिनता है; शक संवत 1953।

चंद्रोदय और चंद्रास्त

मंगल 19 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 06:47

चंद्रमा यहाँ 06:47 पर उदय होता है।

मंगल 19 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 19:14

सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:14 चंद्रोदय 06:47
सूर्योदय 05:57 सूर्यास्त 18:28 सूर्योदय 05:57 बुध समय, ऊँचाई नहीं चंद्रास्त 19:14 चंद्रोदय 06:47
रेखा के ऊपर दिन, नीचे रात · सूर्योदय से दक्षिणावर्त · भीतरी चाप: क्षितिज के ऊपर चंद्रमा

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:47 पर, दिन में, उदय होता है; वह फिर 19:14 पर अस्त होगा।

चंद्रमा सूर्योदय पर नीचे था और 06:47 पर उदय हुआ; वह फिर 19:14 पर अस्त होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रास्त रात में पड़ता है।