Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग रवि 17 मई 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
17 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, रवि 17 मई
- 03:54–04:39ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:25 से
- 08:34–10:09लाभ चौघड़िया
- 10:09–11:43अमृत चौघड़िया
- 11:18–11:43अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
- 13:18–14:52शुभ चौघड़िया
- 14:56–16:20अमृत कालकृत्तिका मेंगुलिक काल में
- सूर्यास्त 18:02 के बाद
- 18:02–19:27शुभ चौघड़िया
- 19:27–20:52अमृत चौघड़िया
- 01:08–02:34 सोमलाभ चौघड़िया
- 03:59–05:24 सोमशुभ चौघड़िया
- 03:53–04:39 सोमअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:25–06:59उद्वेगअशुभ
- 06:59–08:34चरसामान्य
- 08:34–10:09लाभशुभ
- 10:09–11:43अमृतशुभ
- 11:43–13:18कालअशुभ
- 13:18–14:52शुभ
- 14:52–16:27रोगअशुभ
- 16:27–18:02उद्वेगअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:02–19:27शुभ
- 19:27–20:52अमृतशुभ
- 20:52–22:18चरसामान्य
- 22:18–23:43रोगअशुभ
- 23:43–01:08 सोमकालअशुभ
- 01:08–02:34 सोमलाभशुभ
- 02:34–03:59 सोमउद्वेगअशुभ
- 03:59–05:24 सोमशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, रवि 17 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:54–04:39, शुभ
- उद्वेग, अशुभ, 05:25–06:59
- चर, सामान्य, 06:59–08:34
- लाभ, शुभ, 08:34–10:09
- अमृत, शुभ, 10:09–11:43
- काल, अशुभ, 11:43–13:18
- शुभ, 13:18–14:52
- रोग, अशुभ, 14:52–16:27
- उद्वेग, अशुभ, 16:27–18:02
- शुभ, 18:02–19:27
- अमृत, शुभ, 19:27–20:52
- चर, सामान्य, 20:52–22:18
- रोग, अशुभ, 22:18–23:43
- काल, अशुभ, 23:43–01:08 सोम
- लाभ, शुभ, 01:08–02:34 सोम
- उद्वेग, अशुभ, 02:34–03:59 सोम
- शुभ, 03:59–05:24 सोम
- अभिजीत मुहूर्त, 11:18–12:08, शुभ
- यमगण्ड, 11:43–13:18, अशुभ
- गुलिक काल, 14:52–16:27, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 16:21–17:11, अशुभ
- राहु काल, 16:27–18:02, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:53–04:39 सोम
हर मान कैसे निकलता है
रवि 17 मई को कौन सी तिथि है? शुक्ल प्रतिपदा
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 0.8° आगे था: शुक्ल प्रतिपदा।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 0°–12° पहली है, शुक्ल प्रतिपदा। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:25। अमावस्या उससे पहले 04:01 पर समाप्त हुई। प्रतिपदा 00:11 सोम को समाप्त होगी, जब बढ़त 12° होगी। बढ़त 17 मई की अमावस्या पर 0° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा बढ़ रहा है: शुक्ल पक्ष।
रवि 17 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:54–04:39
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:54–04:39।
शनि 16 मई की रात सूर्यास्त 18:01 शनि से सूर्योदय 05:25 तक थी, 11 घं 24 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
रवि 17 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:18–12:08
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:18–12:08।
रवि 17 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 16:21–17:11
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 16:21–17:11।
यहाँ दिन, 05:25 से 18:02, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। रविवार को दुर्मुहूर्त चौदहवाँ है, 16:21–17:11।
रवि 17 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:25–06:59 उद्वेग है, जिसके स्वामी सूर्य हैं, रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:25 से 18:02, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:02 से 05:24 सोम, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
रवि 17 मई को राहुकाल कब है? 16:27–18:02
राहु काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से आठवाँ है: 16:27–18:02।
रवि 17 मई को यमगंड कब है? 11:43–13:18
यमगण्ड रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पाँचवाँ है: 11:43–13:18।
रवि 17 मई को गुलिक काल कब है? 14:52–16:27
गुलिक काल रविवार के दिन के 8 बराबर भागों में से सातवाँ है: 14:52–16:27।
यहाँ दिन 05:25 से 18:02 तक है, 12 घं 37 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: रविवार को राहु काल आठवाँ भाग है, यमगण्ड पाँचवाँ और गुलिक काल सातवाँ।
सूर्योदय और सूर्यास्त
रवि 17 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:25, सूर्यास्त 18:02, 12 घं 37 मि का दिन।
रवि 17 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:02
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:25, सूर्यास्त 18:02, 12 घं 37 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 37 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 22 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 37 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 22 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
रवि 17 मई को कौन सा नक्षत्र है? कृत्तिका
सूर्योदय पर चंद्रमा 32.6° पर था: कृत्तिका, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। कृत्तिका 26°40′–40°00′ तक है; चंद्रमा 30° पर उसके पद 2 में आया। वह 17:02 को निकलेगा, रोहिणी में।
रवि 17 मई को कौन सा योग है? शोभन
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 64.4° थे: शोभन।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 31.8° + 32.6° = 64.4°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 53°20′–66°40′ पाँचवाँ है, शोभन। यह 08:45 को समाप्त होता है, फिर अतिगण्ड।
रवि 17 मई को कौन सा करण है? किंस्तुघ्न
सूर्योदय पर बढ़त 0.8° थी: प्रतिपदा का पहला आधा, किंस्तुघ्न।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए प्रतिपदा का पहला आधा किंस्तुघ्न है और दूसरा बव। किंस्तुघ्न 14:06 तक है, जब बढ़त 6° होगी; बव 00:11 सोम तक।
रवि 17 मई को कौन सा वार है, और कब से? रविवार
यह दिन रविवार को सूर्योदय, 05:25, पर शुरू हुआ: रविवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:25 से 05:24 सोम तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी रविवार के हैं।
रवि 17 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
17 मई और 15 जून की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक ज्येष्ठ।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 17 मई 04:01 से 15 जून 10:54 सोम तक सूर्य वृषभ में रहा; मिथुन में वह अमावस्या के बाद 15 जून 15:22 सोम को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक ज्येष्ठ है, जो ज्येष्ठ से पहले आता है।
रवि 17 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह शुक्ल पक्ष ज्येष्ठ (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 मई की अमावस्या ने, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ (अधिक) शुरू किया। यह शुक्ल पक्ष दोनों गणनाओं में ज्येष्ठ (अधिक) है।
रवि 17 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 09:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 57.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
रवि 17 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 18:35
चंद्रमा यहाँ 18:35 पर अस्त होता है।
चंद्रमा इस सूर्योदय और अगले के बीच उदय नहीं होता।
चंद्रमा 18:35 पर, रात में, अस्त होता है और अगले सूर्योदय से पहले उदय नहीं होता।