Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग शनि 16 मई 2026
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
कृष्ण पक्ष · 07:41 तक
फिर अमावस्या · 04:01 रवि तक
नई दिल्ली से अलग तिथि कारण जानें यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं कारण जानेंत्योहार
वट सावित्री व्रत
वट सावित्री व्रत शनि 16 मई को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। शनि 16 मई क्यों?
वट सावित्री व्रत: Codcod में हर तारीख़व्रत
अमावस्या
अमावस्या शनि 16 मई को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है। शनि 16 मई क्यों?
अमावस्या: Codcod में हर तारीख़16 मई का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, शनि 16 मई
- 03:54–04:39ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:25 से
- 07:06–08:34शुभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 11:18–12:08अभिजीत मुहूर्त
- 13:18–14:52लाभ चौघड़ियायमगण्ड में
- 14:52–16:27अमृत चौघड़िया
-
15:45–17:10अमृत कालभरणी में
- सूर्यास्त 18:01 के बाद
- 18:01–19:27लाभ चौघड़िया
- 20:52–22:18शुभ चौघड़िया
- 22:18–23:43अमृत चौघड़िया
- 03:59–05:25 रविलाभ चौघड़िया
- 03:54–04:39 रविअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:25–06:59कालअशुभ
- 06:59–08:34शुभ
- 08:34–10:09रोगअशुभ
- 10:09–11:43उद्वेगअशुभ
- 11:43–13:18चरसामान्य
- 13:18–14:52लाभयमगण्ड में
- 14:52–16:27अमृतशुभ
- 16:27–18:01कालअशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:01–19:27लाभशुभ
- 19:27–20:52उद्वेगअशुभ
- 20:52–22:18शुभ
- 22:18–23:43अमृतशुभ
- 23:43–01:08 रविचरसामान्य
- 01:08–02:34 रविरोगअशुभ
- 02:34–03:59 रविकालअशुभ
- 03:59–05:25 रविलाभशुभ
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, शनि 16 मई: ब्रह्म मुहूर्त, 03:54–04:39, शुभ
- काल, अशुभ, 05:25–06:59
- शुभ, 06:59–08:34
- रोग, अशुभ, 08:34–10:09
- उद्वेग, अशुभ, 10:09–11:43
- चर, सामान्य, 11:43–13:18
- लाभ, शुभ, 13:18–14:52
- अमृत, शुभ, 14:52–16:27
- काल, अशुभ, 16:27–18:01
- लाभ, शुभ, 18:01–19:27
- उद्वेग, अशुभ, 19:27–20:52
- शुभ, 20:52–22:18
- अमृत, शुभ, 22:18–23:43
- चर, सामान्य, 23:43–01:08 रवि
- रोग, अशुभ, 01:08–02:34 रवि
- काल, अशुभ, 02:34–03:59 रवि
- लाभ, शुभ, 03:59–05:25 रवि
- गुलिक काल, 05:25–06:59, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 05:25–06:15, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 06:15–07:06, अशुभ
- राहु काल, 08:34–10:09, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:18–12:08, शुभ
- यमगण्ड, 13:18–14:52, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 03:54–04:39 रवि
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में वट सावित्री व्रत शनि 16 मई को क्यों है?
वट सावित्री व्रत शनि 16 मई को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
वट सावित्री व्रत सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शनि 16 मई को 07:41 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और रवि 17 मई को 04:01 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: शनि 16 मई। वट सावित्री व्रत का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
Codcod में अमावस्या शनि 16 मई को क्यों है?
अमावस्या शनि 16 मई को है: अमावस्या किसी सूर्योदय पर नहीं है, और उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है।
अमावस्या सूर्योदय की तिथि से मानी जाती है। अमावस्या शनि 16 मई को 07:41 पर, उस सूर्योदय के बाद, लगती है और रवि 17 मई को 04:01 पर, अगले सूर्योदय से पहले, समाप्त होती है: वह किसी सूर्योदय पर नहीं है। ऐसी तिथि उसी दिन मानी जाती है जिस दिन वह चलती है: शनि 16 मई। अमावस्या का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; सूर्योदय Tithika की परिपाटी है।
शनि 16 मई को कौन सी तिथि है? कृष्ण चतुर्दशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 346.7° आगे था: कृष्ण चतुर्दशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 336°–348° उनतीसवीं है, कृष्ण चतुर्दशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:25। त्रयोदशी उससे पहले 11:01 शुक्र पर समाप्त हुई। चतुर्दशी 07:41 को समाप्त होगी, जब बढ़त 348° होगी। बढ़त 2 मई की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
अमावस्या क्षय क्यों है?
अमावस्या एक सूर्योदय के बाद शुरू हुई और अगले से पहले समाप्त, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो। अमावस्या 07:41 को शुरू हुई और 04:01 रवि को समाप्त, 05:25 और 05:25 रवि के सूर्योदयों के बीच। शनिवार को चतुर्दशी है और रविवार को प्रतिपदा: अमावस्या यहाँ क्षय तिथि है।
नई दिल्ली में अमावस्या क्यों है?
नई दिल्ली में अमावस्या है, Codcod में चतुर्दशी।
दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो।
नई दिल्ली · IST
यहाँ सूर्योदय, 05:30, चतुर्दशी की समाप्ति 05:11 के बाद हुआ: यह दिन अमावस्या है।
Codcod · UTC+8
यहाँ सूर्योदय, 05:25, चतुर्दशी की समाप्ति 07:41 से पहले हुआ: यह दिन चतुर्दशी है। अमावस्या अगले सूर्योदय से पहले, 04:01 रवि को, समाप्त होती है, इसलिए यहाँ कोई दिन अमावस्या नहीं होता: वह क्षय है।
शनि 16 मई को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 03:54–04:39
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 03:54–04:39।
शुक्र 15 मई की रात सूर्यास्त 18:01 शुक्र से सूर्योदय 05:25 तक थी, 11 घं 24 मि। इसे 45 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
शनि 16 मई को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:18–12:08
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:18–12:08।
शनि 16 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 05:25–06:15
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:25–06:15 और 06:15–07:06।
शनि 16 मई को दुर्मुहूर्त कब है? 06:15–07:06
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से पहला और दूसरा है: 05:25–06:15 और 06:15–07:06।
यहाँ दिन, 05:25 से 18:01, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 50 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। शनिवार को दुर्मुहूर्त पहला और दूसरा है, 05:25–06:15 और 06:15–07:06।
शनि 16 मई का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:25–06:59 काल है, जिसके स्वामी शनि हैं, शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, अशुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:25 से 18:01, 1 घं 34 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:01 से 05:25 रवि, 1 घं 25 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
शनि 16 मई को राहुकाल कब है? 08:34–10:09
राहु काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से तीसरा है: 08:34–10:09।
शनि 16 मई को यमगंड कब है? 13:18–14:52
यमगण्ड शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:18–14:52।
शनि 16 मई को गुलिक काल कब है? 05:25–06:59
गुलिक काल शनिवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला है: 05:25–06:59।
यहाँ दिन 05:25 से 18:01 तक है, 12 घं 36 मि। इसे 1 घं 34 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: शनिवार को राहु काल तीसरा भाग है, यमगण्ड छठा और गुलिक काल पहला।
सूर्योदय और सूर्यास्त
शनि 16 मई को सूर्योदय कितने बजे है? 05:25
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:25, सूर्यास्त 18:01, 12 घं 36 मि का दिन।
शनि 16 मई को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:01
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:25, सूर्यास्त 18:01, 12 घं 36 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 36 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 24 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
शनि 16 मई को कौन सा नक्षत्र है? भरणी
सूर्योदय पर चंद्रमा 17.5° पर था: भरणी, पद 2।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। भरणी 13°20′–26°40′ तक है; चंद्रमा 16°40′ पर उसके पद 2 में आया। वह 20:00 को निकलेगा, कृत्तिका में।
शनि 16 मई को कौन सा योग है? सौभाग्य
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 48.3° थे: सौभाग्य।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 30.8° + 17.5° = 48.3°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 40°00′–53°20′ चौथा है, सौभाग्य। यह 12:55 को समाप्त होता है, फिर शोभन।
शनि 16 मई को कौन सा करण है? शकुनि
सूर्योदय पर बढ़त 346.7° थी: चतुर्दशी का दूसरा आधा, शकुनि।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए चतुर्दशी का पहला आधा विष्टि है और दूसरा शकुनि। विष्टि 21:24 शुक्र पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 342° हुई; शकुनि 07:41 तक है।
शनि 16 मई को कौन सा वार है, और कब से? शनिवार
यह दिन शनिवार को सूर्योदय, 05:25, पर शुरू हुआ: शनिवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:25 से 05:25 रवि तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी शनिवार के हैं।
शनि 16 मई को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? वैशाख
यह मास 17 अप्रैल की अमावस्या से शुरू हुआ, जब सूर्य मेष में था: वैशाख।
अमान्त मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है और उसका नाम उस राशि से होता है जिसमें सूर्य आरंभ वाली अमावस्या पर हो: मेष से वैशाख। सूर्य 15 मई को, मास के भीतर, वृषभ में जाता है। अगली अमावस्या, 17 मई, उसे वृषभ में पाती है और ज्येष्ठ शुरू करती है।
शनि 16 मई को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? ज्येष्ठ
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष ज्येष्ठ का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 17 मई की अमावस्या, सूर्य वृषभ में, ज्येष्ठ शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ ज्येष्ठ है, और अमान्त गणना में वैशाख।
शनि 16 मई को कौन सा संवत है? विक्रम 2083 · शक 1948
विक्रम संवत 2083 19 मार्च 2026 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 19 मार्च 2026, 09:23 गुरु। तब से सूर्य तारों के बीच 56.6° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2083 गिनता है; शक संवत 1948।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
शनि 16 मई को चंद्रोदय कितने बजे है? 05:23 रवि
चंद्रमा यहाँ 05:23 रवि पर उदय होता है।
शनि 16 मई को चंद्रास्त कितने बजे है? 17:29
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:29 पर अस्त हुआ; वह फिर 05:23 रवि पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 17:29 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 05:23 रवि पर उदय होगा।