Codcod, पश्चिमी विसाया, फिलिपींस का पंचांग सोम 14 अगस्त 2023
सूर्योदय से सूर्योदय तक · समय PST में
व्रत
मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि सोम 14 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं। सोम 14 अगस्त क्यों?
मासिक शिवरात्रि: Codcod में हर तारीख़14 अगस्त का शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय से पहले, सोम 14 अगस्त
- 04:05–04:51ब्रह्म मुहूर्त
- सूर्योदय 05:37 से
- 05:37–07:11अमृत चौघड़िया
- 08:44–10:18शुभ चौघड़िया
- 11:51–12:16अभिजीत मुहूर्तयमगण्ड छोड़कर
-
11:51–12:16अमृत कालयमगण्ड, दुर्मुहूर्त छोड़कर · पुनर्वसु में
- 15:36–16:32लाभ चौघड़ियादुर्मुहूर्त छोड़कर
- 16:32–18:06अमृत चौघड़िया
- सूर्यास्त 18:06 के बाद
- 22:25–23:51लाभ चौघड़िया
- 01:18–02:44 मंगलशुभ चौघड़िया
- 02:44–04:11 मंगलअमृत चौघड़िया
- 04:05–04:51 मंगलअगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त
टालने योग्य समय
सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग
चौघड़िया
दिन का चौघड़िया
- 05:37–07:11अमृतशुभ
- 07:11–08:44कालअशुभ
- 08:44–10:18शुभ
- 10:18–11:51रोगअशुभ
- 11:51–13:25उद्वेगअशुभ
- 13:25–14:59चरसामान्य
- 14:59–16:32लाभशुभ
- 16:32–18:06अमृतशुभ
रात का चौघड़िया
- 18:06–19:32चरसामान्य
- 19:32–20:59रोगअशुभ
- 20:59–22:25कालअशुभ
- 22:25–23:51लाभशुभ
- 23:51–01:18 मंगलउद्वेगअशुभ
- 01:18–02:44 मंगलशुभ
- 02:44–04:11 मंगलअमृतशुभ
- 04:11–05:37 मंगलचरसामान्य
दिन, ब्रह्म मुहूर्त से अगले सूर्योदय तक
समय ऊपर से नीचे। पट्टियाँ: चौघड़िया। छड़ें: मुहूर्त और काल, अपने असली समय पर।
- सूर्योदय से पहले, सोम 14 अगस्त: ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:51, शुभ
- अमृत, शुभ, 05:37–07:11
- काल, अशुभ, 07:11–08:44
- शुभ, 08:44–10:18
- रोग, अशुभ, 10:18–11:51
- उद्वेग, अशुभ, 11:51–13:25
- चर, सामान्य, 13:25–14:59
- लाभ, शुभ, 14:59–16:32
- अमृत, शुभ, 16:32–18:06
- चर, सामान्य, 18:06–19:32
- रोग, अशुभ, 19:32–20:59
- काल, अशुभ, 20:59–22:25
- लाभ, शुभ, 22:25–23:51
- उद्वेग, अशुभ, 23:51–01:18 मंगल
- शुभ, 01:18–02:44 मंगल
- अमृत, शुभ, 02:44–04:11 मंगल
- चर, सामान्य, 04:11–05:37 मंगल
- राहु काल, 07:11–08:44, अशुभ
- यमगण्ड, 10:18–11:51, अशुभ
- अभिजीत मुहूर्त, 11:26–12:16, शुभ
- दुर्मुहूर्त, 12:16–13:06, अशुभ
- गुलिक काल, 13:25–14:59, अशुभ
- दुर्मुहूर्त, 14:46–15:36, अशुभ
- अगले दिन का ब्रह्म मुहूर्त, 04:05–04:51 मंगल
हर मान कैसे निकलता है
Codcod में मासिक शिवरात्रि सोम 14 अगस्त को क्यों है?
मासिक शिवरात्रि सोम 14 अगस्त को है: उस रात पूरे निशीथ काल में चतुर्दशी है, और किसी रात नहीं।
शिव पूजा निशीथ काल में होती है, आधी रात का मुहूर्त। चतुर्दशी सोम 14 अगस्त को 12:55 से मंगल 15 अगस्त को 15:13 तक है, इसलिए केवल सोमवार की रात का निशीथ काल (23:28–00:15 मंगल) उसके भीतर है। मासिक शिवरात्रि का समय बताने वाला कोई ग्रंथ नहीं मिला; निशीथ काल Tithika की परिपाटी है।
सोम 14 अगस्त को कौन सी तिथि है? कृष्ण त्रयोदशी
सूर्योदय पर चंद्रमा सूर्य से 332.7° आगे था: कृष्ण त्रयोदशी।
चंद्रमा हर दिन सूर्य से लगभग 12° आगे बढ़ता है। हर 12° की बढ़त एक तिथि है: 324°–336° अट्ठाईसवीं है, कृष्ण त्रयोदशी। दिन वही तिथि लेता है जो उसके सूर्योदय पर हो, यहाँ 05:37। द्वादशी उससे पहले 10:50 रवि पर समाप्त हुई। त्रयोदशी 12:55 को समाप्त होगी, जब बढ़त 336° होगी। बढ़त 2 अगस्त की पूर्णिमा पर 180° पार कर गई, इसलिए चंद्रमा घट रहा है: कृष्ण पक्ष।
सोम 14 अगस्त को ब्रह्म मुहूर्त कितने बजे है? 04:05–04:51
ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले की रात के 15 बराबर भागों में से चौदहवाँ है: 04:05–04:51।
रवि 13 अगस्त की रात सूर्यास्त 18:06 रवि से सूर्योदय 05:37 तक थी, 11 घं 31 मि। इसे 46 मि के 15 मुहूर्तों में बाँटने पर उसका चौदहवाँ ब्रह्म मुहूर्त है, अंतिम से पहला।
दिन के 15 मुहूर्त
सोम 14 अगस्त को अभिजीत मुहूर्त कब है? 11:26–12:16
अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से आठवाँ है, मध्याह्न वाला: 11:26–12:16।
सोम 14 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 12:16–13:06
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:16–13:06 और 14:46–15:36।
सोम 14 अगस्त को दुर्मुहूर्त कब है? 14:46–15:36
दुर्मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से नौवाँ और बारहवाँ है: 12:16–13:06 और 14:46–15:36।
यहाँ दिन, 05:37 से 18:06, 15 मुहूर्तों में बँटता है, हर एक 49 मि का। अभिजीत मुहूर्त आठवाँ है, बीच वाला। सोमवार को दुर्मुहूर्त नौवाँ और बारहवाँ है, 12:16–13:06 और 14:46–15:36।
सोम 14 अगस्त का चौघड़िया: कौन सा शुभ है?
05:37–07:11 अमृत है, जिसके स्वामी चंद्र हैं, सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से पहला, शुभ माना जाता है।
यहाँ दिन, 05:37 से 18:06, 1 घं 33 मि के 8 चौघड़ियों में बँटता है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
यहाँ रात, 18:06 से 05:37 मंगल, 1 घं 26 मि के 8 चौघड़ियों में बँटती है। उनके नाम वार से शुरू होने वाले एक तय क्रम में आते हैं, और हर नाम शुभ, सामान्य या अशुभ माना जाता है।
दिन के 8 भाग
सोम 14 अगस्त को राहुकाल कब है? 07:11–08:44
राहु काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से दूसरा है: 07:11–08:44।
सोम 14 अगस्त को यमगंड कब है? 10:18–11:51
यमगण्ड सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से चौथा है: 10:18–11:51।
सोम 14 अगस्त को गुलिक काल कब है? 13:25–14:59
गुलिक काल सोमवार के दिन के 8 बराबर भागों में से छठा है: 13:25–14:59।
यहाँ दिन 05:37 से 18:06 तक है, 12 घं 29 मि। इसे 1 घं 33 मि के 8 बराबर भागों में बाँटने से वार के अनुसार काल मिलते हैं: सोमवार को राहु काल दूसरा भाग है, यमगण्ड चौथा और गुलिक काल छठा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सोम 14 अगस्त को सूर्योदय कितने बजे है? 05:37
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:37, सूर्यास्त 18:06, 12 घं 29 मि का दिन।
सोम 14 अगस्त को सूर्यास्त कितने बजे है? 18:06
यहाँ दिन: सूर्योदय 05:37, सूर्यास्त 18:06, 12 घं 29 मि का दिन।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त इसी स्थान के लिए निकाले जाते हैं। दिन 12 घं 29 मि का है और अगले सूर्योदय तक रात 11 घं 31 मि की; हर काल और चौघड़िया इन्हीं दो अवधियों से कटता है।
सोम 14 अगस्त को कौन सा नक्षत्र है? पुनर्वसु
सूर्योदय पर चंद्रमा 89.4° पर था: पुनर्वसु, पद 3।
स्थिर तारे चंद्रमा के पथ को 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बाँटते हैं, हर एक में 3°20′ के 4 पद। पुनर्वसु 80°00′–93°20′ तक है; चंद्रमा 86°40′ पर उसके पद 3 में आया। वह 13:36 को निकलेगा, पुष्य में।
सोम 14 अगस्त को कौन सा योग है? सिद्धि
सूर्योदय पर सूर्य और चंद्रमा मिलकर 206.1° थे: सिद्धि।
तारों के बीच सूर्य और चंद्रमा के स्थान जोड़ें: 116.7° + 89.4° = 206.1°। 13°20′ के 27 भागों में बँटा यह योग देता है: 200°00′–213°20′ सोलहवाँ है, सिद्धि। यह 19:09 को समाप्त होता है, फिर व्यतीपात।
सोम 14 अगस्त को कौन सा करण है? वणिज
सूर्योदय पर बढ़त 332.7° थी: त्रयोदशी का दूसरा आधा, वणिज।
करण तिथि का आधा है: चंद्रमा की बढ़त के 6°, इसलिए त्रयोदशी का पहला आधा गर है और दूसरा वणिज। गर 23:51 रवि पर समाप्त हुआ, जब बढ़त 330° हुई; वणिज 12:55 तक है।
सोम 14 अगस्त को कौन सा वार है, और कब से? सोमवार
यह दिन सोमवार को सूर्योदय, 05:37, पर शुरू हुआ: सोमवार।
हिंदू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, आधी रात से आधी रात तक नहीं। यह दिन 05:37 से 05:37 मंगल तक है, इसलिए आधी रात के बाद के घंटे भी सोमवार के हैं।
सोम 14 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (अमांत)? श्रावण (अधिक)
18 जुलाई और 16 अगस्त की अमावस्याओं के बीच कोई संक्रांति नहीं: अधिक श्रावण।
सामान्यतः एक मास में एक संक्रांति होती है, सूर्य का नई राशि में प्रवेश। 18 जुलाई 02:31 मंगल से 16 अगस्त 17:38 बुध तक सूर्य कर्क में रहा; सिंह में वह अमावस्या के बाद 17 अगस्त 16:02 गुरु को गया। बिना संक्रांति का मास अधिक श्रावण है, जो श्रावण से पहले आता है।
सोम 14 अगस्त को कौन सा हिंदू महीना है (पूर्णिमांत)? श्रावण (अधिक)
पूर्णिमा से पूर्णिमा गिनने पर यह कृष्ण पक्ष श्रावण (अधिक) का है।
पूर्णिमान्त मास पूर्णिमा से पूर्णिमा तक चलता है, इसलिए उसका कृष्ण पक्ष पहले आता है। उसका नाम उस अमान्त मास का होता है जिसमें उसका दूसरा आधा पड़ता है: 16 अगस्त की अमावस्या, सूर्य कर्क में, श्रावण (अधिक) शुरू करती है। तब तक यह कृष्ण पक्ष यहाँ श्रावण (अधिक) है, और अमान्त गणना में श्रावण (अधिक)।
सोम 14 अगस्त को कौन सा संवत है? विक्रम 2080 · शक 1945
विक्रम संवत 2080 22 मार्च 2023 की चैत्र अमावस्या से शुरू हुआ।
संवत वर्ष चैत्र से शुरू होता है, वह मास जिसकी अमावस्या सूर्य को मीन में पाती है: 22 मार्च 2023, 01:23 बुध। तब से सूर्य तारों के बीच 140.1° चला है। विक्रम संवत उस वर्ष को 2080 गिनता है; शक संवत 1945।
चंद्रोदय और चंद्रास्त
सोम 14 अगस्त को चंद्रोदय कितने बजे है? 04:31 मंगल
चंद्रमा यहाँ 04:31 मंगल पर उदय होता है।
सोम 14 अगस्त को चंद्रास्त कितने बजे है? 16:46
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:46 पर अस्त हुआ; वह फिर 04:31 मंगल पर उदय होगा, इसलिए इस दिन का चंद्रोदय रात में पड़ता है।
चंद्रमा सूर्योदय पर ऊपर था और 16:46 पर, दिन में, अस्त होता है; वह फिर 04:31 मंगल पर उदय होगा।