Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया में योगिनी एकादशी 2020 पारण समय 05:29–08:09, गुरु 18 जून
व्रत · समय UTC+4 में
Sevan में योगिनी एकादशी 2020 कब है?
बुधवार 17 जून
आषाढ़ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Sevan में बुध 17 जून का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
गुरुवार 18 जून
योगिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- बुधवार 17 जून
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05:29व्रत आरंभसूर्योदय पर
- गुरुवार 18 जून
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05:29–08:09पारण समयव्रत खोलने का समय
Sevan में योगिनी एकादशी बुध 17 जून को क्यों है?
योगिनी एकादशी बुध 17 जून को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।
दशमी 04:10 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 04:10 से 06:20 बुध तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 04:10 मंगल से 06:20 तक।
द्वादशी: 06:20 बुध से 08:09 तक, अपने दिन से लंबी: यह भी बढ़ी है।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, मंगल 16 जून को 05:29 और बुध 17 जून को 05:29। एकादशी (मंगल 16 जून 04:10 से बुध 17 जून 06:20 तक) और द्वादशी (बुध 17 जून 06:20 से गुरु 18 जून 08:09 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: बुध 17 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: मंगल 16 जून को दशमी 04:10 तक है, उसके भीतर (03:53–05:29); बुध 17 जून को पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · गुरु 18 जून, 05:29–08:09
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 17 जून 06:20 से गुरु 18 जून 08:09 तक है; हरिवासर 12:48 बुध पर पूरा होता है। इसलिए पारण गुरु 18 जून को सूर्योदय (05:29) से होता है।
नियम
आषाढ़ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।