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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में योगिनी एकादशी 2003 पारण समय 06:43⁠–⁠10:15, गुरु 26 जून

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में योगिनी एकादशी 2003 कब है?

बुधवार 25 जून

आषाढ़ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में बुध 25 जून का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

गुरुवार 26 जून

पारण समय
06:43–10:15
3 घं 32 मि

योगिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • बुधवार 25 जून
  • 06:43व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • गुरुवार 26 जून
  • 06:43–10:15पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंयोगिनी एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में योगिनी एकादशी बुध 25 जून को क्यों है?

योगिनी एकादशी बुध 25 जून को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।

दशमी 05:11 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 05:11 से 07:46 बुध तक।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 05:11 मंगल से 07:46 तक।

द्वादशी: 07:46 बुध से 10:15 तक, अपने दिन से लंबी: यह भी बढ़ी है।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, मंगल 24 जून को 06:43 और बुध 25 जून को 06:43। एकादशी (मंगल 24 जून 05:11 से बुध 25 जून 07:46 तक) और द्वादशी (बुध 25 जून 07:46 से गुरु 26 जून 10:15 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: बुध 25 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: मंगल 24 जून को दशमी 05:11 तक है, उसके भीतर (05:07–06:43); बुध 25 जून को पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · गुरु 26 जून, 06:43–10:15

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 25 जून 07:46 से गुरु 26 जून 10:15 तक है; हरिवासर 14:23 बुध पर पूरा होता है। इसलिए पारण गुरु 26 जून को सूर्योदय (06:43) से होता है।

नियम

आषाढ़ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।