Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में वरूथिनी एकादशी 1963 पारण समय 06:23–17:59, रवि 21 अप्रैल
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में वरूथिनी एकादशी 1963 कब है?
शनिवार 20 अप्रैल
वैशाख कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · चैत्र कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में शनि 20 अप्रैल का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 21 अप्रैल
वरूथिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 20 अप्रैल
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06:22व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 21 अप्रैल
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06:23–17:59पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में वरूथिनी एकादशी शनि 20 अप्रैल को क्यों है?
वरूथिनी एकादशी शनि 20 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 09:44 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 09:44 शुक्र से 07:30 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 20 अप्रैल को सूर्योदय पर है, 06:22: शनि 20 अप्रैल। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 09:44 शुक्र पर, उससे (04:46–06:22) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 21 अप्रैल, 06:23–17:59 (त्रयोदशी, सूर्योदय से सूर्यास्त: Tithika की परिपाटी)
द्वादशी रवि 21 अप्रैल को 04:36 पर, रात में, अरुणोदय (04:47) से पहले समाप्त होती है: रात में समाप्त द्वादशी को Tithika नहीं गिनता, उसकी परिपाटी। द्वादशी न हो तो निर्णयसिंधु पारण त्रयोदशी में कराता है: सूर्योदय (06:23) से सूर्यास्त (17:59) तक, क्योंकि पारण दिन का कर्म है: Tithika की परिपाटी।
नियम
वैशाख कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · चैत्र कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।