Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में वरूथिनी एकादशी 1962 पारण समय 06:25–10:50, मंगल 1 मई
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में वरूथिनी एकादशी 1962 कब है?
सोमवार 30 अप्रैल
वैशाख कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · चैत्र कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में सोम 30 अप्रैल का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
मंगलवार 1 मई
वरूथिनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- सोमवार 30 अप्रैल
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06:25व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 1 मई
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06:25–10:50पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में वरूथिनी एकादशी सोम 30 अप्रैल को क्यों है?
वरूथिनी एकादशी सोम 30 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 16:42 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 16:42 रवि से 13:54 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 30 अप्रैल को सूर्योदय पर है, 06:25: सोम 30 अप्रैल। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 16:42 रवि पर, उससे (04:49–06:25) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · मंगल 1 मई, 06:25–10:50
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी सोम 30 अप्रैल 13:54 से मंगल 1 मई 10:50 तक है; हरिवासर 19:08 सोम पर पूरा होता है। इसलिए पारण मंगल 1 मई को सूर्योदय (06:25) से होता है।
नियम
वैशाख कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · चैत्र कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।