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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में उत्पन्ना एकादशी 2021 पारण समय 05:28⁠–⁠15:05, बुध 1 दिसंबर

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में उत्पन्ना एकादशी 2021 कब है?

मंगलवार 30 नवंबर

मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · कार्तिक कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में मंगल 30 नवंबर का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

बुधवार 1 दिसंबर

पारण समय
05:28–15:05
9 घं 37 मि

उत्पन्ना एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • मंगलवार 30 नवंबर
  • 05:28व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • बुधवार 1 दिसंबर
  • 05:28–15:05पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंउत्पन्ना एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में उत्पन्ना एकादशी मंगल 30 नवंबर को क्यों है?

उत्पन्ना एकादशी मंगल 30 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 19:44 सोम से 17:44 तक।

एकादशी 17:44 मंगल पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 30 नवंबर को सूर्योदय पर है, 05:28: मंगल 30 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 19:44 सोम पर, उससे (03:52–05:28) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · बुध 1 दिसंबर, 05:28–15:05

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी मंगल 30 नवंबर 17:44 से बुध 1 दिसंबर 15:05 तक है; हरिवासर 23:04 मंगल पर पूरा होता है। इसलिए पारण बुध 1 दिसंबर को सूर्योदय (05:28) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:05 तक, करते हैं।

नियम

मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · कार्तिक कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।