Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में उत्पन्ना एकादशी 2003 पारण समय 06:28–07:27, शुक्र 21 नवंबर
व्रत · समय UTC−2 में
Ipameri में उत्पन्ना एकादशी 2003 कब है?
गुरुवार 20 नवंबर
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · कार्तिक कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में गुरु 20 नवंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
शुक्रवार 21 नवंबर
उत्पन्ना एकादशी का समय: व्रत, पारण
- गुरुवार 20 नवंबर
-
06:28व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शुक्रवार 21 नवंबर
-
06:28–07:27पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में उत्पन्ना एकादशी गुरु 20 नवंबर को क्यों है?
उत्पन्ना एकादशी गुरु 20 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 12:15 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 12:15 बुध से 10:09 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 20 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:28: गुरु 20 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 12:15 बुध पर, उससे (04:52–06:28) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 21 नवंबर, 06:28–07:27
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 20 नवंबर 10:09 से शुक्र 21 नवंबर 07:27 तक है; हरिवासर 15:29 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 21 नवंबर को सूर्योदय (06:28) से होता है।
नियम
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · कार्तिक कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।