Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में उत्पन्ना एकादशी 2002 पारण समय 06:28–14:37, रवि 1 दिसंबर
व्रत · समय UTC−2 में
Ipameri में उत्पन्ना एकादशी 2002 कब है?
शनिवार 30 नवंबर
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · कार्तिक कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में शनि 30 नवंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 1 दिसंबर
उत्पन्ना एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 30 नवंबर
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06:28व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 1 दिसंबर
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06:28–14:37पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में उत्पन्ना एकादशी शनि 30 नवंबर को क्यों है?
उत्पन्ना एकादशी शनि 30 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 20:25 शुक्र से 17:38 तक।
एकादशी 17:38 शनि पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 30 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:28: शनि 30 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 20:25 शुक्र पर, उससे (04:52–06:28) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 1 दिसंबर, 06:28–14:37
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 30 नवंबर 17:38 से रवि 1 दिसंबर 14:37 तक है; हरिवासर 22:53 शनि पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 1 दिसंबर को सूर्योदय (06:28) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:05 तक, करते हैं।
नियम
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · कार्तिक कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।