Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में उत्पन्ना एकादशी 1985 पारण समय 06:30–09:21, सोम 9 दिसंबर
व्रत · समय UTC−2 में
Ipameri में उत्पन्ना एकादशी 1985 कब है?
रविवार 8 दिसंबर
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · कार्तिक कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में रवि 8 दिसंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
सोमवार 9 दिसंबर
उत्पन्ना एकादशी का समय: व्रत, पारण
- रविवार 8 दिसंबर
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06:30व्रत आरंभसूर्योदय पर
- सोमवार 9 दिसंबर
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06:30–09:21पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में उत्पन्ना एकादशी रवि 8 दिसंबर को क्यों है?
उत्पन्ना एकादशी रवि 8 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 14:59 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 14:59 शनि से 12:23 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 8 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 06:30: रवि 8 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 14:59 शनि पर, उससे (04:54–06:30) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · सोम 9 दिसंबर, 06:30–09:21
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 8 दिसंबर 12:23 से सोम 9 दिसंबर 09:21 तक है; हरिवासर 17:37 रवि पर पूरा होता है। इसलिए पारण सोम 9 दिसंबर को सूर्योदय (06:30) से होता है।
नियम
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · कार्तिक कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।