Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में षटतिला एकादशी 2001 पारण समय 07:50–19:54, शनि 20 जनवरी
व्रत · समय UTC−2 में
Ipameri में षटतिला एकादशी 2001 कब है?
शुक्रवार 19 जनवरी
माघ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · पौष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में शुक्र 19 जनवरी का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
शनिवार 20 जनवरी
षटतिला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शुक्रवार 19 जनवरी
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06:52व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शनिवार 20 जनवरी
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07:50–19:54पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में षटतिला एकादशी शुक्र 19 जनवरी को क्यों है?
षटतिला एकादशी शुक्र 19 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 23:44 गुरु से 01:19 शनि तक।
एकादशी 01:19 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 19 जनवरी को सूर्योदय पर है, 06:52: शुक्र 19 जनवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 23:44 गुरु पर, उससे (05:16–06:52) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शनि 20 जनवरी, 07:50–19:54 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 20 जनवरी 01:19 से रवि 21 जनवरी 03:23 तक है; हरिवासर 07:50 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (19:54) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:29 तक, करते हैं।
नियम
माघ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · पौष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।