Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में सफला एकादशी 2090 पारण समय 05:33–18:45, सोम 18 दिसंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में सफला एकादशी 2090 कब है?
रविवार 17 दिसंबर
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में रवि 17 दिसंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
सोमवार 18 दिसंबर
सफला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- रविवार 17 दिसंबर
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05:33व्रत आरंभसूर्योदय पर
- सोमवार 18 दिसंबर
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05:33–18:45पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में सफला एकादशी रवि 17 दिसंबर को क्यों है?
सफला एकादशी रवि 17 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 08:17 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 08:17 शनि से 06:05 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 17 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 05:33: रवि 17 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 08:17 शनि पर, उससे (03:57–05:33) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · सोम 18 दिसंबर, 05:33–18:45 (त्रयोदशी, सूर्योदय से सूर्यास्त: Tithika की परिपाटी)
द्वादशी सोम 18 दिसंबर को 03:53 पर, रात में, अरुणोदय (03:57) से पहले समाप्त होती है: रात में समाप्त द्वादशी को Tithika नहीं गिनता, उसकी परिपाटी। द्वादशी न हो तो निर्णयसिंधु पारण त्रयोदशी में कराता है: सूर्योदय (05:33) से सूर्यास्त (18:45) तक, क्योंकि पारण दिन का कर्म है: Tithika की परिपाटी।
नियम
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।