Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में सफला एकादशी 2066 पारण समय 05:32–06:32, मंगल 14 दिसंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में सफला एकादशी 2066 कब है?
सोमवार 13 दिसंबर
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में सोम 13 दिसंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
मंगलवार 14 दिसंबर
सफला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- सोमवार 13 दिसंबर
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05:31व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 14 दिसंबर
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05:32–06:32पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में सफला एकादशी सोम 13 दिसंबर को क्यों है?
सफला एकादशी सोम 13 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 09:54 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 09:54 रवि से 08:35 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 13 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 05:31: सोम 13 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 09:54 रवि पर, उससे (03:55–05:31) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · मंगल 14 दिसंबर, 05:32–06:32
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी सोम 13 दिसंबर 08:35 से मंगल 14 दिसंबर 06:32 तक है; हरिवासर 14:04 सोम पर पूरा होता है। इसलिए पारण मंगल 14 दिसंबर को सूर्योदय (05:32) से होता है।
नियम
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।