Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में सफला एकादशी 2048 पारण समय 05:41–10:02, शुक्र 1 जनवरी 2049
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में सफला एकादशी 2048 कब है?
गुरुवार 31 दिसंबर
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में गुरु 31 दिसंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
शुक्रवार 1 जनवरी 2049
सफला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- गुरुवार 31 दिसंबर
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05:40व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शुक्रवार 1 जनवरी
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05:41–10:02पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में सफला एकादशी गुरु 31 दिसंबर को क्यों है?
सफला एकादशी गुरु 31 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 15:04 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 15:04 बुध से 12:51 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 31 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 05:40: गुरु 31 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 15:04 बुध पर, उससे (04:04–05:40) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 1 जनवरी 2049, 05:41–10:02
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 31 दिसंबर 12:51 से शुक्र 1 जनवरी 10:02 तक है; हरिवासर 18:09 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 1 जनवरी को सूर्योदय (05:41) से होता है।
नियम
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।