Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया में सफला एकादशी 2016 2016 में 2 तारीख़ें
व्रत · समय UTC+4 में
Sevan में सफला एकादशी 2016 कब है?
2016 में दो बार
मंगलवार 5 जनवरी
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Sevan में मंगल 5 जनवरी का पूरा पंचांगशनिवार 24 दिसंबर
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Sevan में शनि 24 दिसंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
बुधवार 6 जनवरी
रविवार 25 दिसंबर
सफला एकादशी का समय: व्रत, पारण
मंगल 5 जनवरी
-
08:23व्रत आरंभसूर्योदय पर
- बुधवार 6 जनवरी
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11:39–17:47पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
शनि 24 दिसंबर
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08:21व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 25 दिसंबर
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08:40–17:38पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
सफला एकादशी इन तारीख़ों पर क्यों है?
चांद्र तिथि हर साल लगभग 11 दिन पहले आती है, जब तक कोई अधिक मास उसे फिर आगे न कर दे। जनवरी के शुरू में पड़ने वाली तिथि पिछले दिसंबर में जा सकती है, इसलिए किसी वर्ष में दो बार और अगले में एक बार भी नहीं।
मंगल 5 जनवरी क्यों?
सफला एकादशी मंगल 5 जनवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 03:43 से 05:24 बुध तक।
एकादशी 05:24 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी। एकादशी: 03:43 मंगल से 05:24 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 5 जनवरी को सूर्योदय पर है, 08:23: मंगल 5 जनवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 03:43 पर, उससे (06:47–08:23) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · बुध 6 जनवरी, 11:39–17:47 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 6 जनवरी 05:24 से गुरु 7 जनवरी 06:24 तक है; हरिवासर 11:39 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (17:47) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 10:16 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।
शनि 24 दिसंबर क्यों?
सफला एकादशी शनि 24 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 23:24 शुक्र से 02:02 रवि तक।
एकादशी 02:02 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 24 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 08:21: शनि 24 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 23:24 शुक्र पर, उससे (06:45–08:21) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 25 दिसंबर, 08:40–17:38 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 25 दिसंबर 02:02 से सोम 26 दिसंबर 04:37 तक है; हरिवासर 08:40 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (17:38) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 10:13 तक, करते हैं।
नियम
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।