tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में सफला एकादशी 1987 पारण समय 06:33⁠–⁠19:44, गुरु 17 दिसंबर

व्रत · समय UTC−2 में

Ipameri में सफला एकादशी 1987 कब है?

बुधवार 16 दिसंबर

पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में बुध 16 दिसंबर का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

गुरुवार 17 दिसंबर

पारण समय
06:33–19:44
13 घं 11 मि · Tithika की परिपाटी

सफला एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • बुधवार 16 दिसंबर
  • 06:32व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • गुरुवार 17 दिसंबर
  • 06:33–19:44पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Tithika में खोलेंसफला एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में सफला एकादशी बुध 16 दिसंबर को क्यों है?

सफला एकादशी बुध 16 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 00:51 से 00:40 गुरु तक।

एकादशी 00:40 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 16 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 06:32: बुध 16 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 00:51 पर, उससे (04:56–06:32) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · गुरु 17 दिसंबर, 06:33–19:44 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 17 दिसंबर 00:40 से गुरु 17 दिसंबर 23:38 तक है; हरिवासर 06:25 पर पूरा होता है। इसलिए पारण गुरु 17 दिसंबर को सूर्योदय (06:33) से होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (19:44) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:11 तक, करते हैं।

नियम

पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।