Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में सफला एकादशी 1944 पारण समय 05:31–09:55, मंगल 12 दिसंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में सफला एकादशी 1944 कब है?
सोमवार 11 दिसंबर
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में सोम 11 दिसंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
मंगलवार 12 दिसंबर
सफला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- सोमवार 11 दिसंबर
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05:31व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 12 दिसंबर
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05:31–09:55पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में सफला एकादशी सोम 11 दिसंबर को क्यों है?
सफला एकादशी सोम 11 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 06:11 से। एकादशी: 06:11 से 08:17 सोम तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 06:11 रवि से 08:17 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 11 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 05:31: सोम 11 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 06:11 रवि पर, उससे (03:55–05:31) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · मंगल 12 दिसंबर, 05:31–09:55
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी सोम 11 दिसंबर 08:17 से मंगल 12 दिसंबर 09:55 तक है; हरिवासर 14:42 सोम पर पूरा होता है। इसलिए पारण मंगल 12 दिसंबर को सूर्योदय (05:31) से होता है।
नियम
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।