Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में सफला एकादशी 1938 पारण समय 05:33–10:06, रवि 18 दिसंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में सफला एकादशी 1938 कब है?
शनिवार 17 दिसंबर
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में शनि 17 दिसंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 18 दिसंबर
सफला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 17 दिसंबर
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05:33व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 18 दिसंबर
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05:33–10:06पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में सफला एकादशी शनि 17 दिसंबर को क्यों है?
सफला एकादशी शनि 17 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 08:48 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 08:48 शुक्र से 09:12 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 17 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 05:33: शनि 17 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 08:48 शुक्र पर, उससे (03:57–05:33) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 18 दिसंबर, 05:33–10:06
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 17 दिसंबर 09:12 से रवि 18 दिसंबर 10:06 तक है; हरिवासर 15:25 शनि पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 18 दिसंबर को सूर्योदय (05:33) से होता है।
नियम
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।