Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में सफला एकादशी 1933 पारण समय 05:32–10:21, गुरु 14 दिसंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में सफला एकादशी 1933 कब है?
बुधवार 13 दिसंबर
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में बुध 13 दिसंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
गुरुवार 14 दिसंबर
सफला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- बुधवार 13 दिसंबर
-
05:31व्रत आरंभसूर्योदय पर
- गुरुवार 14 दिसंबर
-
05:32–10:21पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में सफला एकादशी बुध 13 दिसंबर को क्यों है?
सफला एकादशी बुध 13 दिसंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 14:41 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 14:41 मंगल से 12:53 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 13 दिसंबर को सूर्योदय पर है, 05:31: बुध 13 दिसंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 14:41 मंगल पर, उससे (03:55–05:31) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · गुरु 14 दिसंबर, 05:32–10:21
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 13 दिसंबर 12:53 से गुरु 14 दिसंबर 10:21 तक है; हरिवासर 18:15 बुध पर पूरा होता है। इसलिए पारण गुरु 14 दिसंबर को सूर्योदय (05:32) से होता है।
नियम
पौष कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।