tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में रमा एकादशी 2015 पारण समय 12:58⁠–⁠19:21, शनि 7 नवंबर

व्रत · समय UTC−2 में

Ipameri में रमा एकादशी 2015 कब है?

शुक्रवार 6 नवंबर

कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में शुक्र 6 नवंबर का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

शनिवार 7 नवंबर

पारण समय
12:58–19:21
6 घं 23 मि · Tithika की परिपाटी

रमा एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • शुक्रवार 6 नवंबर
  • 06:31व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • शनिवार 7 नवंबर
  • 12:58–19:21पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Tithika में खोलेंरमा एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में रमा एकादशी शुक्र 6 नवंबर को क्यों है?

रमा एकादशी शुक्र 6 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 03:34 से 06:17 शनि तक।

अरुणोदय में एकादशी केवल 06:17 तक; फिर द्वादशी। एकादशी: 03:34 शुक्र से 06:17 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 6 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:31: शुक्र 6 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 03:34 पर, उससे (04:55–06:31) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · शनि 7 नवंबर, 12:58–19:21 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 7 नवंबर 06:17 से रवि 8 नवंबर 09:01 तक है; हरिवासर 12:58 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (19:21) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:05 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।

नियम

कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।