Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में रमा एकादशी 2012 पारण समय 04:53–05:58, रवि 11 नवंबर
व्रत · समय UTC−2 में
Ipameri में रमा एकादशी 2012 कब है?
शनिवार 10 नवंबर
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Ipameri में शनि 10 नवंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 11 नवंबर
रमा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 10 नवंबर
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06:30व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 11 नवंबर
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04:53–05:58पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में रमा एकादशी शनि 10 नवंबर को क्यों है?
रमा एकादशी शनि 10 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 09:57 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 09:57 शुक्र से 08:18 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−2)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 10 नवंबर को सूर्योदय पर है, 06:30: शनि 10 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 09:57 शुक्र पर, उससे (04:54–06:30) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 11 नवंबर, 04:53–05:58 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)
द्वादशी रवि 11 नवंबर को 05:58 पर, अरुणोदय (04:53) लगने के बाद और सूर्योदय (06:29) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।
नियम
कार्तिक कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · आश्विन कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।