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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में देवउठनी एकादशी 1981 पारण समय 05:30⁠–⁠05:46, सोम 9 नवंबर

व्रत · समय UTC−3 में · इसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहते हैं

Ipameri में देवउठनी एकादशी 1981 कब है?

रविवार 8 नवंबर

कार्तिक शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में रवि 8 नवंबर का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

सोमवार 9 नवंबर

पारण समय
05:30–05:46
16 मि

देवउठनी एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • रविवार 8 नवंबर
  • 05:31व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • सोमवार 9 नवंबर
  • 05:30–05:46पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंदेवउठनी एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में देवउठनी एकादशी रवि 8 नवंबर को क्यों है?

देवउठनी एकादशी रवि 8 नवंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 09:50 से।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 09:50 शनि से 08:11 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 8 नवंबर को सूर्योदय पर है, 05:31: रवि 8 नवंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 09:50 शनि पर, उससे (03:55–05:31) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · सोम 9 नवंबर, 05:30–05:46

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 8 नवंबर 08:11 से सोम 9 नवंबर 05:46 तक है; हरिवासर 13:35 रवि पर पूरा होता है। इसलिए पारण सोम 9 नवंबर को सूर्योदय (05:30) से होता है।

नियम

कार्तिक शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।