Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में पार्श्व एकादशी 2097 पारण समय 06:05–08:47, बुध 18 सितंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में पार्श्व एकादशी 2097 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
बुधवार 18 सितंबर
पार्श्व एकादशी का समय: व्रत, पारण
- मंगलवार 17 सितंबर
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06:06व्रत आरंभसूर्योदय पर
- बुधवार 18 सितंबर
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06:05–08:47पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में पार्श्व एकादशी मंगल 17 सितंबर को क्यों है?
पार्श्व एकादशी मंगल 17 सितंबर को है: एकादशी और द्वादशी दोनों बढ़ी हैं, इसलिए स्मार्त बाद का दिन लेते हैं, और उसका अरुणोदय दशमी से मुक्त है।
दशमी 05:20 तक, अरुणोदय के भीतर; सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 05:20 से 07:18 मंगल तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 05:20 सोम से 07:18 तक।
द्वादशी: 07:18 मंगल से 08:47 तक, अपने दिन से लंबी: यह भी बढ़ी है।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं। यह दोनों सूर्योदयों पर है, सोम 16 सितंबर को 06:06 और मंगल 17 सितंबर को 06:06। एकादशी (सोम 16 सितंबर 05:20 से मंगल 17 सितंबर 07:18 तक) और द्वादशी (मंगल 17 सितंबर 07:18 से बुध 18 सितंबर 08:47 तक) दोनों अपने दिन से लंबी हैं; दोनों बढ़ें तो स्मार्त बाद का दिन लेते हैं: मंगल 17 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: सोम 16 सितंबर को दशमी 05:20 तक है, उसके भीतर (04:30–06:06); मंगल 17 सितंबर को पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · बुध 18 सितंबर, 06:05–08:47
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी मंगल 17 सितंबर 07:18 से बुध 18 सितंबर 08:47 तक है; हरिवासर 13:40 मंगल पर पूरा होता है। इसलिए पारण बुध 18 सितंबर को सूर्योदय (06:05) से होता है।
नियम
भाद्रपद शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।