Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में पार्श्व एकादशी 2096 पारण समय 04:19–05:07, शनि 29 सितंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में पार्श्व एकादशी 2096 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
शनिवार 29 सितंबर
पार्श्व एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शुक्रवार 28 सितंबर
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05:56व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शनिवार 29 सितंबर
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04:19–05:07पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में पार्श्व एकादशी शुक्र 28 सितंबर को क्यों है?
पार्श्व एकादशी शुक्र 28 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 06:16 से। एकादशी: 06:16 से 06:05 शुक्र तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 06:16 गुरु से 06:05 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शुक्र 28 सितंबर को सूर्योदय पर है, 05:56: शुक्र 28 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 06:16 गुरु पर, उससे (04:20–05:56) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शनि 29 सितंबर, 04:19–05:07 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)
द्वादशी शनि 29 सितंबर को 05:07 पर, अरुणोदय (04:19) लगने के बाद और सूर्योदय (05:55) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।
नियम
भाद्रपद शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।