Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में पार्श्व एकादशी 1933 पारण समय 06:20–08:16, शुक्र 1 सितंबर
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में पार्श्व एकादशी 1933 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
शुक्रवार 1 सितंबर
पार्श्व एकादशी का समय: व्रत, पारण
- गुरुवार 31 अगस्त
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06:20व्रत आरंभसूर्योदय पर
- शुक्रवार 1 सितंबर
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06:20–08:16पारण समयव्रत खोलने का समय
Ipameri में पार्श्व एकादशी गुरु 31 अगस्त को क्यों है?
पार्श्व एकादशी गुरु 31 अगस्त को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 13:15 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 13:15 बुध से 10:44 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 31 अगस्त को सूर्योदय पर है, 06:20: गुरु 31 अगस्त। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 13:15 बुध पर, उससे (04:44–06:20) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 1 सितंबर, 06:20–08:16
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 31 अगस्त 10:44 से शुक्र 1 सितंबर 08:16 तक है; हरिवासर 16:07 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 1 सितंबर को सूर्योदय (06:20) से होता है।
नियम
भाद्रपद शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।