tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में पार्श्व एकादशी 1932 पारण समय 06:11⁠–⁠16:37, रवि 11 सितंबर

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में पार्श्व एकादशी 1932 कब है?

शनिवार 10 सितंबर

भाद्रपद शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में शनि 10 सितंबर का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

रविवार 11 सितंबर

पारण समय
06:11–16:37
10 घं 26 मि

पार्श्व एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • शनिवार 10 सितंबर
  • 06:12व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • रविवार 11 सितंबर
  • 06:11–16:37पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंपार्श्व एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में पार्श्व एकादशी शनि 10 सितंबर को क्यों है?

पार्श्व एकादशी शनि 10 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 17:53 शुक्र से 17:02 तक।

एकादशी 17:02 शनि पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 10 सितंबर को सूर्योदय पर है, 06:12: शनि 10 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 17:53 शुक्र पर, उससे (04:36–06:12) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · रवि 11 सितंबर, 06:11–16:37

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी शनि 10 सितंबर 17:02 से रवि 11 सितंबर 16:37 तक है; हरिवासर 22:56 शनि पर पूरा होता है। इसलिए पारण रवि 11 सितंबर को सूर्योदय (06:11) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:34 तक, करते हैं।

नियम

भाद्रपद शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।