साटली, अज़रबैजान में निर्जला एकादशी 2027 पारण समय 06:44–20:16, मंगल 15 जून
व्रत · समय UTC+4 में
साटली में निर्जला एकादशी 2027 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
मंगलवार 15 जून
निर्जला एकादशी का समय: व्रत, पारण
- सोमवार 14 जून
-
05:17व्रत आरंभसूर्योदय पर
- मंगलवार 15 जून
-
06:44–20:16पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
साटली में निर्जला एकादशी सोम 14 जून को क्यों है?
निर्जला एकादशी सोम 14 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 00:42 से 00:38 मंगल तक।
एकादशी 00:38 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल सोम 14 जून को सूर्योदय पर है, 05:17: सोम 14 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 00:42 पर, उससे (03:41–05:17) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · मंगल 15 जून, 06:44–20:16 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी मंगल 15 जून 00:38 से बुध 16 जून 01:01 तक है; हरिवासर 06:44 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (20:16) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:17 तक, करते हैं।
नियम
ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।