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Sevan, गेघार्कुनिक प्रांत, आर्मेनिया में कामदा एकादशी 2023 पारण समय 09:21⁠–⁠19:25, रवि 2 अप्रैल

व्रत · समय UTC+4 में

Sevan में कामदा एकादशी 2023 कब है?

शनिवार 1 अप्रैल

चैत्र शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Sevan में शनि 1 अप्रैल का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

रविवार 2 अप्रैल

पारण समय
09:21–19:25
10 घं 4 मि · Tithika की परिपाटी

कामदा एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • शनिवार 1 अप्रैल
  • 06:44व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • रविवार 2 अप्रैल
  • 09:21–19:25पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Tithika में खोलेंकामदा एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Sevan में कामदा एकादशी शनि 1 अप्रैल को क्यों है?

कामदा एकादशी शनि 1 अप्रैल को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 00:29 से 02:50 रवि तक।

एकादशी 02:50 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+4)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 1 अप्रैल को सूर्योदय पर है, 06:44: शनि 1 अप्रैल। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 00:29 पर, उससे (05:08–06:44) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · रवि 2 अप्रैल, 09:21–19:25 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 2 अप्रैल 02:50 से सोम 3 अप्रैल 04:54 तक है; हरिवासर 09:21 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (19:25) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 09:15 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।

नियम

चैत्र शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।