Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में जया एकादशी 1946 पारण समय 04:29–05:01, बुध 13 फ़रवरी
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में जया एकादशी 1946 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
बुधवार 13 फ़रवरी
जया एकादशी का समय: व्रत, पारण
- मंगलवार 12 फ़रवरी
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06:05व्रत आरंभसूर्योदय पर
- बुधवार 13 फ़रवरी
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04:29–05:01पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में जया एकादशी मंगल 12 फ़रवरी को क्यों है?
जया एकादशी मंगल 12 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 08:32 से। एकादशी: 08:32 से 06:42 मंगल तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 08:32 सोम से 06:42 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 12 फ़रवरी को सूर्योदय पर है, 06:05: मंगल 12 फ़रवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 08:32 सोम पर, उससे (04:29–06:05) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · बुध 13 फ़रवरी, 04:29–05:01 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)
द्वादशी बुध 13 फ़रवरी को 05:01 पर, अरुणोदय (04:29) लगने के बाद और सूर्योदय (06:05) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।
नियम
माघ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।