Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में जया एकादशी 1937 पारण समय 04:33–06:07, सोम 22 फ़रवरी
व्रत · समय UTC−3 में
Ipameri में जया एकादशी 1937 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
सोमवार 22 फ़रवरी
जया एकादशी का समय: व्रत, पारण
- रविवार 21 फ़रवरी
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06:09व्रत आरंभसूर्योदय पर
- सोमवार 22 फ़रवरी
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04:33–06:07पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Ipameri में जया एकादशी रवि 21 फ़रवरी को क्यों है?
जया एकादशी रवि 21 फ़रवरी को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 08:34 से। एकादशी: 08:34 से 07:13 रवि तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 08:34 शनि से 07:13 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 21 फ़रवरी को सूर्योदय पर है, 06:09: रवि 21 फ़रवरी। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 08:34 शनि पर, उससे (04:33–06:09) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · सोम 22 फ़रवरी, 04:33–06:07 (अरुणोदय से, Tithika की परिपाटी)
द्वादशी सोम 22 फ़रवरी को 06:07 पर, अरुणोदय (04:33) लगने के बाद और सूर्योदय (06:09) से पहले, समाप्त होती है। द्वादशी छोटी हो तो निर्णयसिंधु, मत्स्य पुराण के अनुसार, पारण भोर में, द्वादशी समाप्त होने से पहले कराता है। Tithika इसे अरुणोदय से आरंभ करता है: Tithika की परिपाटी।
नियम
माघ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।