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Levuka, पूर्वी मंडल, फ़िजी में दीवाली 2026 रवि 8 नवंबर या सोम 9 नवंबर

त्योहार · समय UTC+12 में

Levuka में दीवाली 2026 कब है?

स्मार्त · वैष्णव

रविवार 8 नवंबर

धर्मसिंधु · स्मार्त का एक मत

सोमवार 9 नवंबर

कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमान्त) · आश्विन अमावस्या (अमान्त)

Levuka में रवि 8 नवंबर का पूरा पंचांग

दीवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त कब से कब तक?

स्मार्त · वैष्णव · रविवार 8 नवंबर

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
18:45–20:26
1 घं 41 मि · Tithika की परिपाटी

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 18:12⁠–⁠20:26। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:45 से 20:26 तक उदित रहता है।

धर्मसिंधु · सोमवार 9 नवंबर

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
18:42–20:26
1 घं 44 मि · Tithika की परिपाटी

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 18:13⁠–⁠20:26। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:42 से 20:26 तक उदित रहता है।

Tithika में खोलेंदीवाली की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Levuka में दीवाली रवि 8 नवंबर या सोम 9 नवंबर को क्यों है?

स्मार्त · वैष्णव · निर्णयसिंधु के अनुसार दीवाली · लक्ष्मी पूजा रवि 8 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 18:12⁠–⁠20:26। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 18:45 से 20:26 तक उदित रहता है।

पूरे प्रदोष काल में अमावस्या, 18:12–20:26। अमावस्या: 17:58 से 19:02 सोम तक।

प्रदोष काल में अमावस्या केवल 19:02 तक; फिर प्रतिपदा। अमावस्या: 17:58 रवि से 19:02 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+12)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।

स्मार्त · वैष्णव

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या रवि 8 नवंबर को 17:58 पर लगी, उस शाम के प्रदोष काल से पहले, और सोम 9 नवंबर को 19:02 पर उतरी, अगले प्रदोष काल के बीच में। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसे अमावस्या पूरा भरती है: रवि 8 नवंबर।

धर्मसिंधु

अमावस्या दोनों शाम के प्रदोष काल को छूती है। ऐसे में धर्मसिंधु बाद का दिन लेता है: सोम 9 नवंबर, जहाँ 19:02 तक प्रदोष काल में अमावस्या है।

नियम

कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमान्त) · आश्विन अमावस्या (अमान्त)

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।

स्मार्त
वह शाम जिसके प्रदोष काल में अमावस्या हो; दोनों दिन छुए तो वह जिसमें अधिक हो; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (निर्णयसिंधु)।
धर्मसिंधु
वह शाम जिसके प्रदोष काल में अमावस्या हो; दोनों दिन छुए तो बाद वाला दिन; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (धर्मसिंधु)।
वैष्णव
स्मार्त वाला दिन।