Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में दीवाली 1946 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 19:49–20:32, गुरु 24 अक्टूबर
त्योहार · समय UTC−3 में
Ipameri में दीवाली 1946 कब है?
गुरुवार 24 अक्टूबर
कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमान्त) · आश्विन अमावस्या (अमान्त)
Ipameri में गुरु 24 अक्टूबर का पूरा पंचांगदीवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त कब से कब तक?
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 18:15–20:32। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 19:49 से 20:32 तक उदित रहता है।
कथा, पूजा विधि और व्रत के नियम
हर शहर के लिए एक ही, दीवाली 1946 के पेज पर:
Ipameri में दीवाली गुरु 24 अक्टूबर को क्यों है?
निर्णयसिंधु के अनुसार दीवाली · लक्ष्मी पूजा गुरु 24 अक्टूबर को है: उस शाम अमावस्या प्रदोष काल का बुध 23 अक्टूबर से अधिक भाग घेरती है।
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 18:15–20:32। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 19:49 से 20:32 तक उदित रहता है।
प्रदोष काल में चतुर्दशी 19:22 तक; फिर अमावस्या। अमावस्या: 19:22 से 20:31 गुरु तक।
प्रदोष काल में अमावस्या केवल 20:31 तक; फिर प्रतिपदा। अमावस्या: 19:22 बुध से 20:31 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या बुध 23 अक्टूबर को 19:22 से गुरु 24 अक्टूबर को 20:31 तक है, और दोनों शाम प्रदोष काल को छूती है। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसका प्रदोष काल उसमें अधिक है: गुरु 24 अक्टूबर। हर मत यही दिन लेता है।
नियम
कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमान्त) · आश्विन अमावस्या (अमान्त)
लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में अमावस्या हो; दोनों दिन छुए तो वह जिसमें अधिक हो; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (निर्णयसिंधु)।
- धर्मसिंधु
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में अमावस्या हो; दोनों दिन छुए तो बाद वाला दिन; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (धर्मसिंधु)।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।