Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में दीवाली 1945 शनि 3 नवंबर या रवि 4 नवंबर
त्योहार · समय UTC−3 में
Ipameri में दीवाली 1945 कब है?
स्मार्त · वैष्णव
शनिवार 3 नवंबर
धर्मसिंधु · स्मार्त का एक मत
रविवार 4 नवंबर
कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमान्त) · आश्विन अमावस्या (अमान्त)
Ipameri में शनि 3 नवंबर का पूरा पंचांगदीवाली लक्ष्मी पूजा मुहूर्त कब से कब तक?
स्मार्त · वैष्णव · शनिवार 3 नवंबर
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 18:19–20:34। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 19:09 से 20:34 तक उदित रहता है।
धर्मसिंधु · रविवार 4 नवंबर
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 18:20–20:34। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 19:05 से 20:34 तक उदित रहता है।
कथा, पूजा विधि और व्रत के नियम
हर शहर के लिए एक ही, दीवाली 1945 के पेज पर:
Ipameri में दीवाली शनि 3 नवंबर या रवि 4 नवंबर को क्यों है?
स्मार्त · वैष्णव · निर्णयसिंधु के अनुसार दीवाली · लक्ष्मी पूजा शनि 3 नवंबर को है: उस शाम पूरे प्रदोष काल में अमावस्या है।
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: प्रदोष काल, 18:19–20:34। इसमें स्थिर लग्न वृषभ पूर्व में 19:09 से 20:34 तक उदित रहता है।
पूरे प्रदोष काल में अमावस्या, 18:19–20:34। अमावस्या: 17:36 से 20:10 रवि तक।
प्रदोष काल में अमावस्या केवल 20:10 तक; फिर प्रतिपदा। अमावस्या: 17:36 शनि से 20:10 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: प्रदोष काल। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात।
लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त। अमावस्या शनि 3 नवंबर को 17:36 पर लगी, उस शाम के प्रदोष काल से पहले, और रवि 4 नवंबर को 20:10 पर उतरी, अगले प्रदोष काल के बीच में। निर्णयसिंधु वह शाम लेता है जिसे अमावस्या पूरा भरती है: शनि 3 नवंबर।
अमावस्या दोनों शाम के प्रदोष काल को छूती है। ऐसे में धर्मसिंधु बाद का दिन लेता है: रवि 4 नवंबर, जहाँ 20:10 तक प्रदोष काल में अमावस्या है।
नियम
कार्तिक अमावस्या (पूर्णिमान्त) · आश्विन अमावस्या (अमान्त)
लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के 3 मुहूर्त।
- स्मार्त
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में अमावस्या हो; दोनों दिन छुए तो वह जिसमें अधिक हो; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (निर्णयसिंधु)।
- धर्मसिंधु
- वह शाम जिसके प्रदोष काल में अमावस्या हो; दोनों दिन छुए तो बाद वाला दिन; किसी दिन न छुए तो पहला दिन (धर्मसिंधु)।
- वैष्णव
- स्मार्त वाला दिन।