दिफ्फा, नाइजर में देवशयनी एकादशी 2027 पारण समय 05:50–10:11, गुरु 15 जुलाई
व्रत · समय WAT में
दिफ्फा में देवशयनी एकादशी 2027 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
गुरुवार 15 जुलाई
देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- बुधवार 14 जुलाई
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05:50व्रत आरंभसूर्योदय पर
- गुरुवार 15 जुलाई
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05:50–10:11पारण समयव्रत खोलने का समय
दिफ्फा में देवशयनी एकादशी बुध 14 जुलाई को क्यों है?
देवशयनी एकादशी बुध 14 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 07:39 से। एकादशी: 07:39 से 08:40 बुध तक।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 07:39 मंगल से 08:40 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC+1)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 14 जुलाई को सूर्योदय पर है, 05:50: बुध 14 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 07:39 मंगल पर, उससे (04:14–05:50) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · गुरु 15 जुलाई, 05:50–10:11
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 14 जुलाई 08:40 से गुरु 15 जुलाई 10:11 तक है; हरिवासर 15:03 बुध पर पूरा होता है। इसलिए पारण गुरु 15 जुलाई को सूर्योदय (05:50) से होता है।
नियम
आषाढ़ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।