देवशयनी एकादशी 2027 बुध 14 जुलाई
नई दिल्ली में पारण समय: गुरु 15 जुलाई, 05:33–14:41 IST
व्रत · 30 शहर, हर शहर अपने सूर्योदय और सूर्यास्त पर, अपने समय में
देवशयनी एकादशी 2027 कब है?
बुधवार 14 जुलाई
आषाढ़ शुक्ल एकादशी
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
गुरुवार 15 जुलाई
देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
नई दिल्ली · IST
- बुधवार 14 जुलाई
-
05:32व्रत आरंभसूर्योदय पर
- गुरुवार 15 जुलाई
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05:33–14:41पारण समयव्रत खोलने का समय
30 शहरों में देवशयनी एकादशी
हर शहर का समय उसके अपने ज़ोन में।
भारत
नेपाल
खाड़ी देश
दक्षिण-पूर्व एशिया
कोई और स्थान?
उस स्थान का देवशयनी एकादशी 2027 खुलेगा
राज्य और देश के अनुसार देवशयनी एकादशी 2027
हर एक पर वहाँ की देवशयनी एकादशी 2027: तारीख़ और हर शहर का पारण समय।
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देश
देवशयनी एकादशी बुध 14 जुलाई को क्यों है?
नई दिल्ली में
देवशयनी एकादशी बुध 14 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 12:09 से।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 12:09 मंगल से 13:10 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल बुध 14 जुलाई को सूर्योदय पर है, 05:32: बुध 14 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 12:09 मंगल पर, उससे (03:56–05:32) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · गुरु 15 जुलाई, 05:33–14:41
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 14 जुलाई 13:10 से गुरु 15 जुलाई 14:41 तक है; हरिवासर 19:33 बुध पर पूरा होता है। इसलिए पारण गुरु 15 जुलाई को सूर्योदय (05:33) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:18 तक, करते हैं।
नियम
आषाढ़ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।
हर शहर की तारीख़ और समय उसके अपने सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाले गए हैं; हर शहर का पेज कारण चित्र में दिखाता है।