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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में देवशयनी एकादशी 1951 पारण समय 06:43⁠–⁠17:53, सोम 16 जुलाई

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में देवशयनी एकादशी 1951 कब है?

रविवार 15 जुलाई

आषाढ़ शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में रवि 15 जुलाई का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

सोमवार 16 जुलाई

पारण समय
06:43–17:53
11 घं 10 मि · Tithika की परिपाटी

देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • रविवार 15 जुलाई
  • 06:43व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • सोमवार 16 जुलाई
  • 06:43–17:53पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Tithika में खोलेंदेवशयनी एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में देवशयनी एकादशी रवि 15 जुलाई को क्यों है?

देवशयनी एकादशी रवि 15 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 09:36 से।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 09:36 शनि से 06:45 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल रवि 15 जुलाई को सूर्योदय पर है, 06:43: रवि 15 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 09:36 शनि पर, उससे (05:07–06:43) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · सोम 16 जुलाई, 06:43–17:53 (त्रयोदशी, सूर्योदय से सूर्यास्त: Tithika की परिपाटी)

द्वादशी सोम 16 जुलाई को 03:27 पर, रात में, अरुणोदय (05:07) से पहले समाप्त होती है: रात में समाप्त द्वादशी को Tithika नहीं गिनता, उसकी परिपाटी। द्वादशी न हो तो निर्णयसिंधु पारण त्रयोदशी में कराता है: सूर्योदय (06:43) से सूर्यास्त (17:53) तक, क्योंकि पारण दिन का कर्म है: Tithika की परिपाटी।

नियम

आषाढ़ शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।