tithika
English

Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में देवशयनी एकादशी 1950 पारण समय 06:41⁠–⁠08:31, बुध 26 जुलाई

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में देवशयनी एकादशी 1950 कब है?

मंगलवार 25 जुलाई

आषाढ़ शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में मंगल 25 जुलाई का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

बुधवार 26 जुलाई

पारण समय
06:41–08:31
1 घं 50 मि

देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • मंगलवार 25 जुलाई
  • 06:41व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • बुधवार 26 जुलाई
  • 06:41–08:31पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंदेवशयनी एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में देवशयनी एकादशी मंगल 25 जुलाई को क्यों है?

देवशयनी एकादशी मंगल 25 जुलाई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 13:56 से।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 13:56 सोम से 11:15 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 25 जुलाई को सूर्योदय पर है, 06:41: मंगल 25 जुलाई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 13:56 सोम पर, उससे (05:05–06:41) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · बुध 26 जुलाई, 06:41–08:31

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी मंगल 25 जुलाई 11:15 से बुध 26 जुलाई 08:31 तक है; हरिवासर 16:34 मंगल पर पूरा होता है। इसलिए पारण बुध 26 जुलाई को सूर्योदय (06:41) से होता है।

नियम

आषाढ़ शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।