Pāthardi, महाराष्ट्र में देवशयनी एकादशी 1920 पारण समय 11:05–19:10, रवि 27 जून
महाराष्ट्र, भारत
व्रत · समय IST में
Pāthardi में देवशयनी एकादशी 1920 कब है?
पारण का समय: व्रत कब खोलें?
रविवार 27 जून
देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण
- शनिवार 26 जून
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05:53व्रत आरंभसूर्योदय पर
- रविवार 27 जून
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11:05–19:10पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Pāthardi में देवशयनी एकादशी शनि 26 जून को क्यों है?
देवशयनी एकादशी शनि 26 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 02:35 से 04:31 रवि तक।
अरुणोदय में एकादशी केवल 04:31 तक; फिर द्वादशी। एकादशी: 02:35 शनि से 04:31 तक।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल शनि 26 जून को सूर्योदय पर है, 05:53: शनि 26 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 02:35 पर, उससे (04:17–05:53) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · रवि 27 जून, 11:05–19:10 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी रवि 27 जून 04:31 से सोम 28 जून 06:47 तक है; हरिवासर 11:05 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (19:10) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:32 तक, करते हैं; यहाँ यह समय हरिवासर से पहले समाप्त हो जाता है।
नियम
आषाढ़ शुक्ल एकादशी
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।