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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में देवशयनी एकादशी 1901 पारण समय 06:43⁠–⁠16:34, शुक्र 28 जून

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में देवशयनी एकादशी 1901 कब है?

गुरुवार 27 जून

आषाढ़ शुक्ल एकादशी

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में गुरु 27 जून का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

शुक्रवार 28 जून

पारण समय
06:43–16:34
9 घं 51 मि

देवशयनी एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • गुरुवार 27 जून
  • 06:43व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • शुक्रवार 28 जून
  • 06:43–16:34पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंदेवशयनी एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में देवशयनी एकादशी गुरु 27 जून को क्यों है?

देवशयनी एकादशी गुरु 27 जून को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 11:48 से।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 11:48 बुध से 14:16 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 27 जून को सूर्योदय पर है, 06:36: गुरु 27 जून। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 11:48 बुध पर, उससे (05:00–06:36) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 28 जून, 06:43–16:34

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 27 जून 14:16 से शुक्र 28 जून 16:27 तक है; हरिवासर 20:49 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 28 जून को सूर्योदय (06:36) से होता है। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:49 तक, करते हैं।

नियम

आषाढ़ शुक्ल एकादशी

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।