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Ipameri, गोइयास, ब्राज़िल में अपरा एकादशी 2046 पारण समय 06:36⁠–⁠11:28, शुक्र 1 जून

व्रत · समय UTC−3 में

Ipameri में अपरा एकादशी 2046 कब है?

गुरुवार 31 मई

ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · वैशाख कृष्ण एकादशी (अमान्त)

स्मार्त · वैष्णव

Ipameri में गुरु 31 मई का पूरा पंचांग

पारण का समय: व्रत कब खोलें?

शुक्रवार 1 जून

पारण समय
06:36–11:28
4 घं 52 मि

अपरा एकादशी का समय: व्रत, पारण

  • गुरुवार 31 मई
  • 06:36व्रत आरंभसूर्योदय पर
  • शुक्रवार 1 जून
  • 06:36–11:28पारण समयव्रत खोलने का समय
Tithika में खोलेंअपरा एकादशी की तारीख़ अपने हर स्थान में देखें, साथ-साथ।

Ipameri में अपरा एकादशी गुरु 31 मई को क्यों है?

अपरा एकादशी गुरु 31 मई को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर दशमी; एकादशी 08:06 से। एकादशी: 08:06 से 10:02 गुरु तक।

पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 08:06 बुध से 10:02 तक।

हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (UTC−3)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।

स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल गुरु 31 मई को सूर्योदय पर है, 06:36: गुरु 31 मई। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 08:06 बुध पर, उससे (05:00–06:36) पहले, समाप्त हुई।

व्रत का पारण

स्मार्त · वैष्णव · शुक्र 1 जून, 06:36–11:28

पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी गुरु 31 मई 10:02 से शुक्र 1 जून 11:28 तक है; हरिवासर 16:23 गुरु पर पूरा होता है। इसलिए पारण शुक्र 1 जून को सूर्योदय (06:36) से होता है।

नियम

ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · वैशाख कृष्ण एकादशी (अमान्त)

एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।

स्मार्त
सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
वैष्णव
पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
व्रत का पारण
द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।