Pāthardi, महाराष्ट्र में अजा एकादशी 2029 पारण समय 06:20–18:40, बुध 5 सितंबर
महाराष्ट्र, भारत
व्रत · समय IST में
Pāthardi में अजा एकादशी 2029 कब है?
मंगलवार 4 सितंबर
भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)
Pāthardi में मंगल 4 सितंबर का पूरा पंचांगपारण का समय: व्रत कब खोलें?
बुधवार 5 सितंबर
अजा एकादशी का समय: व्रत, पारण
- मंगलवार 4 सितंबर
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06:14व्रत आरंभसूर्योदय पर
- बुधवार 5 सितंबर
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06:20–18:40पारण समयव्रत खोलने का समय · Tithika की परिपाटी
Pāthardi में अजा एकादशी मंगल 4 सितंबर को क्यों है?
अजा एकादशी मंगल 4 सितंबर को है: उस दिन सूर्योदय पर और पूरे अरुणोदय में एकादशी है।
पूरे अरुणोदय में और सूर्योदय पर एकादशी। एकादशी: 00:51 से 00:36 बुध तक।
एकादशी 00:36 पर समाप्त; अरुणोदय में द्वादशी।
हर पंक्ति एक दिन, एक ही घड़ी पर (IST)। पट्टी: तिथि। खाना: अरुणोदय। हल्की पट्टी: दिन; गहरी: रात। सूर्य: सूर्योदय।
स्मार्त एकादशी को सूर्योदय पर देखते हैं: यह केवल मंगल 4 सितंबर को सूर्योदय पर है, 06:14: मंगल 4 सितंबर। वैष्णव अरुणोदय देखते हैं: दशमी 00:51 पर, उससे (04:38–06:14) पहले, समाप्त हुई।
व्रत का पारण
स्मार्त · वैष्णव · बुध 5 सितंबर, 06:20–18:40 (सूर्यास्त, Tithika की परिपाटी)
पारण द्वादशी में होता है, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद और द्वादशी समाप्त होने से पहले। द्वादशी बुध 5 सितंबर 00:36 से बुध 5 सितंबर 23:31 तक है; हरिवासर 06:20 पर पूरा होता है। पारण दिन का कर्म है, इसलिए Tithika सूर्यास्त (18:40) पर समय समाप्त करता है: Tithika की परिपाटी। द्वादशी दोपहर के बाद तक है: धर्मसिंधु के अनुसार बहुत लोग पारण सूर्योदय के बाद के पहले 3 मुहूर्तों में, 08:44 तक, करते हैं।
नियम
भाद्रपद कृष्ण एकादशी (पूर्णिमान्त) · श्रावण कृष्ण एकादशी (अमान्त)
एकादशी व्रत सूर्योदय से अगले दिन के पारण तक रहता है।
- स्मार्त
- सूर्योदय पर एकादशी; दो सूर्योदयों पर हो तो पहला दिन, या द्वादशी भी बढ़े तो दूसरा; किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जब वह चल रही हो (निर्णयसिंधु)।
- वैष्णव
- पूरे अरुणोदय में एकादशी, सूर्योदय से पहले के 96 मिनट, जिसे दशमी विद्ध न करे; दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन।
- व्रत का पारण
- द्वादशी में, उसके पहले चौथाई (हरिवासर) के बाद।